दुर्ग नगरीय निकाय चुनाव : इस दिन होगी 150 वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया, राजनीतिक सरगर्मी तेज

दुर्ग। दुर्ग जिले में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले के नगरीय निकायों में वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया की तारीख घोषित होने के बाद अब संभावित प्रत्याशियों की नजर आरक्षण की तस्वीर पर टिकी हुई है। वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया 9 सितंबर को भिलाई के कला मंदिर में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पूरी की जाएगी।

दुर्ग जिले के चरोदा-भिलाई, भिलाई नगर निगम और रिसाली समेत नगरीय निकायों में चुनाव होना है। इन निकायों में कुल 150 वार्डों में पार्षद और तीन महापौर चुने जाएंगे। आरक्षण प्रक्रिया जिला कलेक्टर एवं स्थानीय निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में संपन्न होगी।

SC, ST, OBC और महिलाओं के लिए होगा आरक्षण

वार्डों का आरक्षण नगरपालिका निर्वाचन अधिनियम 1994 के तहत किया जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस वार्ड से किस वर्ग का प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर सकेगा।

कांग्रेस नेताओं ने यथावत आरक्षण की मांग उठाई

इधर, इस साल वार्डों का परिसीमन नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस के पार्षदों और नेताओं ने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को यथावत रखने की मांग की है। इस संबंध में कांग्रेस नेताओं ने दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी है।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि वार्डों का परिसीमन वर्ष 2021 में ही किया जा चुका है। ऐसे में इस बार नए सिरे से परिसीमन नहीं होने की स्थिति में वार्डों के आरक्षण को लेकर पुरानी व्यवस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

9 सितंबर के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर

आरक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशियों की भी नजर अब 9 सितंबर पर है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि कौन सा वार्ड सामान्य, OBC, SC, ST या महिला वर्ग के लिए आरक्षित होगा। इसके बाद राजनीतिक दल भी अपने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया को तेज कर सकेंगे।

बताया जा रहा है कि वार्डों का परिसीमन सामान्य तौर पर लंबे अंतराल में किया जाता है, जबकि दुर्ग जिले में वर्ष 2021 में परिसीमन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। ऐसे में इस बार आरक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और दावेदारों के बीच काफी उत्सुकता है।

अब 9 सितंबर को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही चुनावी मैदान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और यह तय होगा कि किस वार्ड से कौन से वर्ग के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा।

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