दुर्ग। जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में 19 साल की दिव्यांग (मूक-बधिर) युवती से पिता के दोस्त ने घर में घुसकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया। इस मामले में जिला और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (FTC) दुर्ग, अवध किशोर की अदालत ने आरोपी को 5 साल और 3 साल की सजा सुनाई है।
यह घटना 8 अप्रैल 2025 की सुबह करीब 10 बजे की है। पीड़िता घर में अकेली थी, तभी आरोपी तामेश्वर यादव ने घर में आय और युवती को सोते हुए पकड़ा, उसके साथ जबरन छेड़छाड़ की। उसने युवती के कपड़े उतारने की भी कोशिश की। पीड़िता किसी तरह भागकर पड़ोसी के घर पहुंची। इस मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने पैरवी की। आरोपी की ओर से बचाव पक्ष ने झूठे फंसाने का तर्क दिया।

मामले की सबसे अहम कड़ी पीड़िता की गवाही रही, जो सांकेतिक भाषा (sign language) के जरिए कोर्ट में दर्ज की गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग पीड़िता का बयान पूरी तरह विश्वसनीय, सुसंगत और बिना किसी दबाव का था। पीड़िता के बयान को उसकी मां, पिता और पड़ोसी गवाहों ने भी समर्थन दिया।
जांच के दौरान पीड़िता के फटे कपड़े जब्त किए गए और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। आरोपी को 9 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में बाहरी चोट नहीं मिली थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता की गवाही ही पर्याप्त होती है। कोर्ट ने कहा कि दिव्यांग युवती समाज का सबसे संवेदनशील वर्ग है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग) और धारा 75(2) (यौन उत्पीड़न) में दोषी पाया।
अदालत ने आरोपी तामेश्वर यादव को धारा 74 में 5 साल का कठोर कारावास और 500 रुपए जुर्माना दिया। धारा 75(2) में 3 साल का कठोर कारावास तय किया गया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना जमा नहीं करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा निर्धारित की गई। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि पीड़िता को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वह मानसिक और आर्थिक रूप से संभल सके।