दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के 26 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

दुर्ग। साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए 26 फर्स्ट लेयर (लेयर-1) म्यूल बैंक खातों के धारकों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इन बैंक खातों में साइबर ठगी से हासिल रकम सीधे जमा की जाती थी, जिसके बाद उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकासी की जाती थी।

दुर्ग पुलिस को पुलिस मुख्यालय के साइबर विभाग से इन बैंक खातों में संदिग्ध और अवैध लेन-देन की जानकारी मिली थी। इसके बाद भिलाई नगर क्षेत्र में संचालित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 28 संदिग्ध खातों की जांच की गई। ये सभी खाते साइबर ठगी से संबंधित अलग-अलग शिकायतों में सामने आए थे।

पुलिस की जांच में पाया गया कि संदिग्ध खातों में वर्ष 2024 से 2026 के बीच साइबर ठगी के कई पीड़ितों से ठगी गई रकम सीधे जमा हुई थी। इसके बाद इस रकम को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकासी की गई। जांच के आधार पर इन खातों को साइबर फ्रॉड की फर्स्ट लेयर यानी लेयर-1 श्रेणी में रखा गया।

पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि गिरफ्तार खाताधारकों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई थीं। इसके बदले उन्हें हर महीने पैसे दिए जाते थे।

पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी साइबर ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने और निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। अब पुलिस इन बैंक खातों से जुड़े मास्टरमाइंड और साइबर अपराधियों की तलाश में जुटी है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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