भिलाई। डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने में दुर्ग पुलिस को सफलता मिली है। दुर्ग पुलिस ने 3 दिनों तक रेकी कर ठाणे, महाराष्ट्र से आरोपी को अरेस्ट किया है। डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच, दुर्ग पुलिस ने दो प्रमुख ऑनलाइन ठगी मामलों का पर्दाफाश किया है। इन मामलों में कई राज्यो से जुड़े आरोपी पकड़े गए हैं, और उन्होंने पुलिस के सामने अपनी करतूतें स्वीकार की हैं। इस कार्रवाई में आरोपी सद्दाम मुल्ला, नरेन्द्र उर्फ टिंकु, उपेन्द्र सिंह और अन्य के खिलाफ ठगी और साइबर अपराध के कई मामले दर्ज किए गए हैं।

पहला मामला: भिलाई नगर थाना क्षेत्र में 49 लाख की ठगी
भिलाई नगर में एक व्यक्ति इंद्रप्रकाश कश्यप ने 16 नवंबर 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक धोखेबाज ने खुद को TRAI (ट्राई) का अधिकारी बताते हुए फोन किया। आरोपी ने कहा कि उसके आधार कार्ड से कोई क्राइम हुआ है और उसे इससे बचने के लिए 49,01,196 रुपये जमा करवाकर फ्रॉड किया। इस मामले में भिलाई नगर पुलिस ने अपराध दर्ज किया और जांच शुरू की।
जांच में पाया गया कि आरोपी ने ICICI बैंक के खाते का इस्तेमाल किया, जिसमें आरोपी बापु श्रीधर भराड़ को पहले गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी सोमनाथ मछिन्द ढोबले और शेख नवीद को महाराष्ट्र के बीढ़ और पुणे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को पता चला कि आरोपी सद्दाम मुल्ला ने इन खातों की जानकारी दी थी। पुलिस ने तीन दिन तक महाराष्ट्र के ठाणे में सटीक जानकारी जुटाई और आखिरकार सद्दाम मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया। मुल्ला के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया गया।
दूसरा मामला: पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में ठगी और धोखाधड़ी
थाना पुरानी भिलाई में एक अन्य मामले की जांच की गई, जिसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ा एक मामला सामने आया। इस मामले में आरोपी सुखबीर सिंह और अन्य आरोपियों ने मिलकर ICICI बैंक के खातों का यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए थे। इन आरोपियों के जरिए धोखाधड़ी की रकम जमा करवाई गई थी, और फिर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। इन आरोपियों को न्यू टाउन कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया और उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
आरोपियों के बारे में जानकारी :-
- सद्दाम मुल्ला – ठाणे, महाराष्ट्र
- नरेन्द्र उर्फ टिंकु – झारखंड
- उपेन्द्र सिंह उर्फ पी.के. – झारखंड
इन सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं, और आगे की जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि इन ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी की और इसके एवज में 3% कमीशन हासिल किया। इस सफलता में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर और अन्य अधिकारियों का मार्गदर्शन था। टीम ने कठिनाईयों के बावजूद इन आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई और उनकी गिरफ्तारी से यह साफ हो गया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस की नजर बेहद चौकस है। इस कार्रवाई में सउनि. शमित मिश्रा , सउनि. हीरामन रामटेके , आर. शाहबाज खान , आर. शिव मिश्रा आर. गजेन्द्र साहू, आर. भावेश पटेल राजकुमार की उल्लेखनीय भुमिका रही।