दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को महिला कर्मचारी की सैलरी में गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोप में मोहन नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी ही यूनिवर्सिटी की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी पर दबाव बनाकर उसकी सैलरी का बड़ा हिस्सा हर महीने ऑनलाइन अपने बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर कराया। पुलिस ने जांच में 1 लाख 49 हजार 384 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने से ही जमानत मिल गई।
पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को महिला कर्मचारी शुभांगी मराठे की शिकायत और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मोहन नगर थाने में अपराध दर्ज किया गया। शुभांगी विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा वह कुलसचिव के सरकारी निवास पर खाना बनाने का काम भी करती थीं।

हर महीने 11,515 रुपये की जगह मिलते थे सिर्फ 2,200 रुपये
जांच में सामने आया कि महिला कर्मचारी को शासन की ओर से हर महीने 11,515 रुपये वेतन मिलता था, लेकिन कुलसचिव उन्हें केवल 2,200 रुपये ही नकद देते थे। शेष राशि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए अपने बेटे उदय कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लेते थे।
करीब डेढ़ साल तक चलता रहा खेल
पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच का है। इस अवधि में महिला कर्मचारी के खाते से कुल 1 लाख 49 हजार 384 रुपये आरोपी के पुत्र के खाते में भेजे गए। विश्वविद्यालय की जांच समिति ने बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद पद का दुरुपयोग कर वेतन की राशि ट्रांसफर कराने की पुष्टि की।
कुलपति से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
बताया गया कि पीड़िता ने पहले कुलपति से शिकायत की थी। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग एसएसपी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। इसके बाद मोहन नगर पुलिस ने अमानत में खयानत और पद के दुरुपयोग सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर कुलसचिव को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद का अनुचित लाभ उठाते हुए मातहत कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके खाते में आने वाली वेतन राशि का अधिकांश हिस्सा डिजिटल माध्यम से अपने पुत्र के खाते में ट्रांसफर कराकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया। मामले की आगे की जांच जारी है।