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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोल माइंस में ब्लास्टिंग के दौरान एक पत्थर फुटबाल की तरह तेजी के साथ उछला और पैदल जा रहे किसान के सिर पर आ गिरा। इससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद देर रात तक ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते रहे। मौके पर पुलिस बल और CISF के जवानों को तैनात किया गया था। बाद में कंपनी ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।

मृतक की पहचान रेकी गांव निवासी लखन लाल पटेल (60) के रूप में हुई है। बेटे अनिल कुमार ने बताया कि पिता हरदीबाजार में अपने साढ़ू भाई के यहां गए थे। वहां से पैदल लौटते समय यह हादसा हुआ। ब्लास्टिंग का लाइव वीडियो भी सामने आया है। वहीं SECL प्रबंधन ने घटना पर दुख जताया है। साथ ही कहा कि एरिया प्रबंधन मामले की जांच कर रहा है।
दरअसल, लखन लाल पटेल पेशे से किसान थे। वह सुबह अपने साढ़ू भाई के यहां गए थे। दोपहर करीब 3 बजे वह वापस अपने गांव रेकी लौट रहे थे। इस दौरान दीपका खदान में हैवी ब्लास्टिंग से उछला पत्थर उनके सिर पर लगा, जिससे वे नीचे गिर पड़े।
आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। इस दौरान किसान की पत्नी गाड़ी के नीचे बैठे रोते नजर आई।
घटना से नाराज परिजन और ग्रामीण शव लेकर घटनास्थल पहुंचे। जहां उन्होंने शव रखकर प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते ही पुलिस बस तैनात किया गया था। पुलिस-प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने की कोशिश करती रही।
मुआवजे और नौकरी मिलने की घोषणा के बाद परिजन और लोगों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया है। सरपंच लोकेश्वर कंवर ने बताया कि 5 जनवरी को हरदीबाजार, सराई सिंगार और रेकी के ग्रामीणों की SECL महाप्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में हैवी ब्लास्टिंग नहीं करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ब्लास्टिंग जारी रही और अब यह हादसा हो गया।