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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में कानून व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। रायपुर के टिकरापारा थाने में बुधवार को दो ऐसी घटनाएं सामने आईं जिसने पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। एक ओर जहाँ हिरासत से एक महिला गांजा तस्कर चकमा देकर फरार हो गई, वहीं दूसरी ओर विभाग का ही एक आरक्षक ड्रग्स तस्करी करते रंगे हाथों पकड़ा गया है।

- चकमा देकर फरार हुई महिला तस्कर, महासमुंद में दोबारा दबोची गई
टिकरापारा पुलिस ने दो दिन पहले गांजा तस्करी के आरोप में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को आरोपी महिला ने बड़ी चालाकी से भागने की योजना बनाई।
कैसे हुई फरार: महिला ने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और वहां तैनात महिला प्रधान आरक्षक को बाथरूम में ही बंद कर दिया और थाने से रफूचक्कर हो गई।
पुलिस की कार्रवाई: इस लापरवाही के बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और तकनीकी इनपुट के आधार पर महिला को महासमुंद से फिर से गिरफ्तार कर लिया है। फरारी को लेकर महिला के खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया गया है।

- खाकी हुई दागदार: 1 ग्राम हेरोइन के साथ आरक्षक गिरफ्तार
एक तरफ पुलिस अपराधियों को पकड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ खुद पुलिस का एक जवान नशे के काले कारोबार में लिप्त पाया गया। टिकरापारा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरक्षक हिमांशु बर्मन को घेराबंदी कर पकड़ा।
क्या हुआ बरामद: तलाशी के दौरान आरक्षक के पास से 1 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है।
कड़ी कार्रवाई: पुलिस ने अपने ही विभाग के कर्मचारी पर नरमी बरतने के बजाय NDPS एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि वर्दी की आड़ में नशाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
इन दोनों मामलों के बाद रायपुर पुलिस अब बड़े सप्लायरों की तलाश में जुट गई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि:
- आरक्षक हिमांशु बर्मन कब से ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा था?
- क्या विभाग के कुछ अन्य लोग भी इस अवैध धंधे में शामिल हैं?
- महिला तस्कर को फरार होने में क्या किसी बाहरी व्यक्ति ने मदद की थी?
"अपराध में संलिप्त कोई भी व्यक्ति, चाहे वह पुलिस विभाग का ही क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। हम नशे के इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" — पुलिस अधिकारी, रायपुर

