भिलाई। बार-बार कहने के बावजूद इंस्पेक्टर से लेकर सब इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारी जांच में लापरवाही बरत रहे हैं। एकतरफा मामले को देखते ही मामला पंजीबद्ध कर दिया जा रहा है। भले ही वो बेगुनाह क्यों न हो। ऐसा ही एक ताजा मामला दुर्ग जिले में आया है।
जहां महिला थाना की टीम ने जांच में लापरवाही बरती। पीड़ित परिवार को परेशान होना पड़ा। यही नहीं, सलाखों के पीछे भी जाना पड़ गया।
पीड़ित को काफी परेशानी हुई। वह मानसिक रूप से त्रस्त हो गया।
इस मामले में दो इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी हुए हैं। यह आदेश कोर्ट से जारी हुआ है। न्यायालय आदेश के मुताबिक प्रथम श्रेणी न्यायाधीश दुर्ग सोनी तिवारी की न्यायालय में महिला थाना प्रभारी सी तिर्की, रानीतराई तत्कालीन प्रभारी डी प्रभा राव, उपनिरीक्षक मोहिनी साहू, प्रतिभा सिंह के खिलाफ अपराध कायम करने भिलाई नगर पुलिस को आदेश दिया है।
पूरा मामला क्या है, उसे भी जानिए
दहेज प्रताड़ना के एक मामले में न्यायालय ने दो महिला निरीक्षक और दो उपनिरीक्षक के खिलाफ अपराध कायम करने का पुलिस को आदेश दिया है। महिला पुलिस अधिकारियों ने अपने जांच में लापरवाही बरता है जिसे लेकर पीड़िता ने न्यायालय में परिवाद लगाया था।
न्यायालय आदेश के मुताबिक प्रथम श्रेणी न्यायाधीश दुर्ग सोनी तिवारी की न्यायालय में महिला थाना प्रभारी सी तिर्की, रानीतराई तत्कालीन प्रभारी डी प्रभा राव, उपनिरीक्षक मोहिनी साहू, प्रतिभा सिंह के खिलाफ अपराध कायम करने भिलाई नगर पुलिस को आदेश दिया है।
न्यायलय ने आदेश में कहा कि प्रस्तुत आवेदन पत्र के अंतर्गत धारा 156 -3 की प्रक्रिया संहिता स्वीकार किया। थाना प्रभारी भिलाई नगर को आदेशित किया जाता है कि परिवाद पत्र पर विधिवत अपराध कायम कर जांच के बाद एक प्रति संबंधित न्यायालय को पेश करे।
दहेज प्रताड़ना के मामले में दीपक त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था लेकिन मामले में धारा 41 (1)( क) के तहत दीपक त्रिपाठी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए थे। इसमें कई खामियां पाई गई।
दीपक त्रिपाठी के पिता बृज भूषण त्रिपाठी ने 4 नवंबर 2020 को एसपी दुर्ग को जांच में लापरवाही किए जाने को लेकर आवेदन भी पेश किया था। उन्होंने घटना को लेकर निष्पक्ष: जांच की मांग की थी। जांच उक्त पुलिस अधिकारियों ने में लापरवाही बरती गई। पुलिस ने जांच में धारा 41(1) (क) के तहत लापरवाही बरता प्रतीत हुआ।
