छात्रों से मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप में प्रधान पाठिका निलंबित, जांच में सही पाए गए आरोप

दुर्ग। जिले के पाटन विकासखंड स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पतोरा की प्रधान पाठिका ममता शांडिल्य को छात्रों से मारपीट, अभद्र भाषा के इस्तेमाल और दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच में शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक ने गुरुवार को निलंबन आदेश जारी किया।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों, पालकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रधान पाठिका के खिलाफ कलेक्टर और शिक्षा विभाग से शिकायत की थी। शिकायत में छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दुर्ग अरविंद मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।

ग्रामीणों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बयान दर्ज

जांच समिति ने स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रधान पाठिका के बयान दर्ज किए। इसके अलावा संबंधित दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का भी परीक्षण किया गया। जांच समिति की रिपोर्ट में प्रधान पाठिका पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद जांच रिपोर्ट संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय को भेजी गई, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल

निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठिका के कथित व्यवहार के कारण विद्यालय की छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल निर्मित हो गया था। वहीं, पालकों और जनप्रतिनिधियों में भी उनके प्रति नाराजगी थी। विभाग के अनुसार, इस स्थिति का असर विद्यालय के शैक्षणिक और अनुशासनात्मक वातावरण पर भी पड़ा।

आचरण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

संभागीय संयुक्त संचालक ने निलंबन आदेश में प्रधान पाठिका के आचरण को शासकीय दायित्वों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना, लापरवाहीपूर्ण और स्वैच्छाचारी बताया है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान ममता शांडिल्य का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दुर्ग निर्धारित किया गया है।

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