खैरागढ़। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्राम भुरसूली निवासी 50 वर्षीय जेलेब गोड की छत से गिरने के बाद मौत हो गई। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परिजनों को शव को गांव तक पहुंचाने के लिए शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन परिजनों को मृतक के शव को मालवाहक वाहन में रखकर गांव ले जाना पड़ा।
अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीरों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद उन्होंने काफी देर तक शव वाहन का इंतजार किया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। आखिरकार मजबूरी में मालवाहक वाहन का सहारा लेना पड़ा।

गौरतलब है कि ‘मुक्तांजलि सेवा’ का उद्देश्य शोकग्रस्त परिवारों को शव परिवहन की सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी को अंतिम यात्रा के लिए परेशान न होना पड़े। इसके बावजूद बार-बार शव वाहन नहीं मिलने की घटनाएं सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।
अब लोगों का सवाल है कि घटना के समय शव वाहन उपलब्ध क्यों नहीं था? यदि वाहन किसी कारणवश व्यस्त या खराब था तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।