स्कूल फीस को लेकर हाईकोर्ट में फिर याचिका...छत्तीसगढ़ सरकार से मांगा जवाब, पढ़िए याचिका की बड़ी बातें

स्कूल फीस को लेकर हाईकोर्ट में फिर याचिका...छत्तीसगढ़ सरकार से मांगा जवाब, पढ़िए याचिका की बड़ी बातें  

October 17, 2020

भिलाई। राज्य शासन द्वारा बनाए गए नए कानून के पालन होना शुरू होने और कमेटियों द्वारा वर्तमान शैक्षणिक सत्र का फीस तय करने तक निजी स्कूलों द्वारा वसूले जा रहे फीस पर रोक लगाने की मांग हाईकोर्ट में की गई है। इसमें बनाए गए पक्षकारों से कोर्ट ने 2 हफ्तों में जवाब मांगा है।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और जस्टिस पीपी साहू की बेंच में हुई। पालक एसोसिएशन ने अधिवक्ता सुमेश बजाज के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, डीपीआई, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ और एक अन्य निजी स्कूल को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में कहा गया है कि कोरोना लॉकडाउन के कारण स्कूल नहीं लग रहे हैं। ऑ‌नलाइन पढ़ाई हो रही है। हाईकोर्ट से जुलाई में पारित आदेश में ट्यूशन फीस लेने कहा गया था। इस आदेश पर सभी स्कूल पूरा फीस ट्यूशन फीस के नाम पर ले रहे हैं। दोबारा जब याचिका दायर हुई तो राज्य शासन फीस तय करेगा कह दिया गया।

शासन द्वारा कानून लाने की जानकारी दी गई। राज्य शासन ने अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 को 28 अगस्त 2020 को पारित कर 28 सिंतबर को लागू कर दिया। इस कानून में तीन स्तर तय किए गए। पक्षकारों से जवाब मांगा गया।



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