मिशन छत्तीसगढ़: 3 दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच रहे गृह मंत्री अमित शाह, नक्सलवाद और विकास पर होगा बड़ा मंथन

रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल से छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। 7 से 9 फरवरी तक होने वाले इस दौरे का मुख्य एजेंडा आंतरिक सुरक्षा, वामपंथी उग्रवाद (LWE) का खात्मा और बस्तर का विकास है। गृह मंत्री इस दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी भी बनेंगे।

7 फरवरी: रायपुर में हाई-प्रोफाइल बैठकों का दौर
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 7 फरवरी की शाम करीब 7 बजे रायपुर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से सीधे अपने प्रवास स्थल जाने के बाद, वे रात 8 बजे राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बैठक करेंगे। इस बैठक में प्रदेश की वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों और केंद्र-राज्य समन्वय पर चर्चा होगी।

8 फरवरी: नक्सलवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन’ की रणनीति
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 8 फरवरी को होगा, जब शाह वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

शामिल होने वाले अधिकारी: केंद्र और राज्य के शीर्ष अफसरों के साथ CRPF, BSF, ITBP और अन्य अर्धसैनिक बलों के महानिदेशक।

मुख्य फोकस: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जारी ऑपरेशनों की ग्राउंड रिपोर्ट।

खुफिया तंत्र (Intelligence) को और मजबूत करना।

सुरक्षा बलों के लिए नई रणनीति का निर्धारण।

9 फरवरी: बस्तर पंडूम महोत्सव और रवानगी
अपने दौरे के अंतिम दिन, 9 फरवरी को गृह मंत्री बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुंचेंगे। यहां वे ‘बस्तर पंडूम महोत्सव’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह महोत्सव बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककला का अद्भुत संगम है। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद वे सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

विकास और सुरक्षा का ‘डबल इंजन’ मॉडल
गृह मंत्री के इस दौरे से उम्मीद की जा रही है कि बस्तर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं। बैठक में केवल हथियारों की बात नहीं होगी, बल्कि:

  • सड़क और संचार: सुदूर इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
  • जन कल्याण: केंद्र प्रायोजित योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना।
  • निष्कर्ष: अमित शाह का यह दौरा स्पष्ट संदेश देता है कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे और आदिवासियों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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