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अम्बिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त (संभागीय कमिश्नर) पूनम चन्द अग्रवाल और वरिष्ठ सहायक (बाबू) अनिल सिन्हा को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने ठेकेदार से बिल भुगतान और भौतिक सत्यापन के बदले रुपयों की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ठेकेदार रवि कुमार ने बलरामपुर में तहसील भवन और लुण्ड्रा में आवासीय विद्यालय के कमरों का निर्माण कार्य किया था। इन कार्यों का लगभग 35.50 लाख रुपये का भुगतान बकाया था। इस भुगतान की अनुशंसा करने और कार्यों के भौतिक सत्यापन के बदले उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल ने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
ACB ने बिछाया जाल
शिकायत के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। मोलभाव के बाद रिश्वत की राशि 65,000 रुपये तय हुई।
ऐसे पकड़े गए आरोपी: गुरुवार (5 फरवरी 2026) को जब ठेकेदार रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा, तो उपायुक्त ने उसे बाबू अनिल सिन्हा को पैसे देने को कहा।
रकम का बंटवारा: बाबू अनिल सिन्हा ने कुल 65,000 रुपये लिए, जिसमें से 5,000 रुपये अपने पास दराज में रखे और शेष 60,000 रुपये उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल को उनके कक्ष में जाकर दे दिए।
मौके पर हुई गिरफ्तारी
जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, ACB की टीम ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। अधिकारियों के हाथों को केमिकल से धुलवाया गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
कानूनी कार्रवाई
ACB ने आरोपियों के पास से रिश्वत की कुल रकम बरामद कर ली है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
