कॉलेज के नए छात्रों से संतोष रूंगटा बोले-कॉलेज को अब अपना दूसरा घर और टीचर्स को परिवार समझिए, पैरेंट्स को कुछ बनकर दिखाए

कॉलेज के नए छात्रों से संतोष रूंगटा बोले-कॉलेज को अब अपना दूसरा घर और टीचर्स को परिवार समझिए, पैरेंट्स को कुछ बनकर दिखाए  

October 19, 2020

भिलाई। स्कूल की दहलीज पार कर अब आपने कॉलेज की सरजमीं पर कदम रख दिए हैं। आने वाले तीन-चार साल आगे की पूरी लाइफ तय करने वाले हैं। हाथ पकडक़र के एबीसीडी सिखाने वाले पैरेंट्स आपको बहुत दूर तक ले आए हैं। ऐसे में अब आपकी जिम्मेदारी बनती है कि उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जाए। पैरेंट्स को कुछ बनकर दिखाया जाए। ये बातें सोमवार को संतोष रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए संयुक्त  इंडक्शन प्रोग्राम में चेयरमैन संतोष रूंगटा ने कहीं। इंडक्शन में साइंस, इंजीनियरिंग और फार्मेसी के हजार नव-प्रवेशित स्टूडेंट्स को उन्होंने मोटिवेट किया। कहा, कॉलेज को अब  अपना दूसरा घर समझिए। टीचर्स को परिवार। यहां किसी भी बात के लिए झिझक की कोई गुंजाइश नहीं रखें। इंडक्शन में समूह के डायरेक्टर डॉ. सौरभ रूंगटा और सोनल रूंगटा भी मौजूद रहे। संचालन डॉ. एस भारती ने किया।

फीस भरी है, सभी संसाधन इस्तेमाल करें
इंडक्शन प्रोग्राम में समूह के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा, कोरोना  लॉकडाउन ने बच्चों को परिवार की आर्थिक स्थिति से रूबरू कराया है। बच्चों ने समझा है कि उनके पिता किस मुश्किल से घर चलाते हैं। उनको पढ़ाते हैं। ऐसे में अब स्टूडेंट्स को भी आगे बढक़र कॉलेज के सभी संसाधनों का उपयोग करने की जरूरत है। आपके पिता ने जो फीस अदा की है, उसकी असल वसूली तभी होगी जब आप पूरी शिद्दत से पढ़ाई में जुटेंगे। सिर्फ नौकरी के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। आपमें से कुछ ऐसे भी होंगे जिनका इरादा आंत्रप्रेन्योर बनने का है। यकीन मानिए  इसमें कॉलेज पूरी मदद करेगा। बेहतरीन आइडिया लाइए, हम उसे बाजार तक पहुंचाने में आपके साथ रहेंगे।

हर चीज का तय हो समय
रूंगटा फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके त्रिपाठी ने स्टूडेंट्स  से कहा कि कॉलेज की लाइफ सिर्फ मौज-मस्ती में ही नहीं गवाएं, यहां आपका कॅरियर डिसाइड होता है, ऐसे में हर चीज के लिए एक टाइम चार्ट होना बेहद जरूरी है। दोस्तों के साथ खूब तफरीह करना, लेकिन पढ़ाई के समय में दूसरा कोई काम करना आपको कॅरियर में पीछे धकेलेगा। पहले दिन से ही एक गोल बना लीजिए कि आप कॅरियर में कहां पहुंचना चाहते हैं, उसे हर रोज लिखना शुरू कर दीजिए। फार्मेसी के वाइस प्रिंसिपल डॉ. एजाजुद्दीन ने ऑनलाइन क्लास में हमेशा अनुशासन बनाकर पढऩे की सीख दी। प्राचार्य डॉ. मोहन अवस्थी और डॉ. वाईएम गुप्ता ने बताया कि असफलता आते जाते रहेगी, लेकिन इन चार साल में आपको हौसला बढ़ाकर आगे बढ़ते रहना होगा।

लगाया अपने लिया पौधा
इंडक्शन प्रोग्राम में नव-प्रवेशित स्टूडेंट्स के साथ सभी के पैरेंट्स भी मौजूद रहे। इस दौरान पैरेंट्स से कहा गया है कि वे हर हफ्ते में अपने बच्चों की पढ़ाई का जायजा लें, ताकि बच्चों की परफॉर्मेंस का पता चलता रहे। इंडक्शन प्रोग्राम का हिस्सा बने सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पौधरोपण भी किया। स्टूडेंट्स ने परिवार के साथ पौधरोपण की सेल्फी भेजकर इंडक्शन डे को सेलिब्रेट किया। औषधीय पौधे रोपे। प्राचार्य डॉ. डीएन देवांगन, प्रभारी प्राचार्य डॉ नीमा बालन और डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट डॉ. एडविन एंथोनी ने स्टूडेंट्स को मोटिवेट किया।



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