अस्पताल पर चला बुलडोजर तो भड़के ग्रामीण : SECL GM कार्यालय में तालाबंदी, मुआवजा-नौकरी और पुनर्वास की मांग

गुस्साए ग्रामीणों ने SECL GM कार्यालय में की तालाबंदी

कोरबा। जिले में SECL की गेवरा खदान के नए प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। हरदीबाजार में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) समेत कई सरकारी भवनों को ढहाए जाने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में दीपका स्थित SECL के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर तालाबंदी कर विरोध जताया।

ग्रामीणों की मांग है कि जमीन और सरकारी परिसंपत्तियों से जुड़े मामलों में 100 प्रतिशत मुआवजा, प्रभावित लोगों को नौकरी, उचित बसाहट और वैकल्पिक अस्पताल की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शन में हरदीबाजार के अलावा सराई सिंगार, रेंकी और आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।

अस्पताल में मरीज मौजूद थे, तभी शुरू हुई तोड़फोड़
ग्रामीणों और कर्मचारियों के मुताबिक, शुक्रवार को हरदीबाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोग इलाज के लिए पहुंचे हुए थे। इसी दौरान भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। अचानक हुई कार्रवाई के चलते कई मरीजों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि भवन खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। उनका दावा है कि अस्पताल में मौजूद दवाइयां, दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान भी मलबे में दब गया। इसी तरह पटवारी कार्यालय और आंगनबाड़ी से संबंधित सामग्री को लेकर भी कर्मचारियों ने आपत्ति जताई है।

छात्रावास और अन्य सरकारी भवन भी ढहाए गए
CHC के अलावा क्षेत्र में छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र और पटवारी कार्यालय के भवनों को भी हटाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य सुविधा थी। इसके हटने के बाद लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक मुआवजा, नौकरी, बसाहट और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक ऐसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी।

GM ने ग्रामीणों से की बातचीत
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद दीपका SECL के GM अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। GM अशोक कुमार ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा रखी जा रही कुछ मांगें उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से चर्चा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

SECL ने कहा- उच्चस्तरीय बैठक में सुनी जाएंगी मांगें
SECL के PRO डॉ. सनीश चंद्र ने कहा कि ग्रामीणों ने स्थानीय प्रबंधन के साथ बातचीत की पहल की है। उनके मुताबिक अगले एक-दो दिनों में मुख्यालय स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें ग्रामीणों के सुझाव और मांगों को सुना जाएगा। SECL की ओर से कहा गया है कि नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी पक्षों से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की गई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, उनका विरोध जारी रहेगा।

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