राज्यसभा चुनाव: राज्यसभा सांसद बनीं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, निर्विरोध निर्वाचित हुईं दोनों… विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए निर्वाचन में सोमवार को स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। नामांकन वापसी की प्रक्रिया के बाद दोनों ही महिला उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। नवनिर्वाचित सांसद लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम ने विधानसभा पहुंचकर आधिकारिक तौर पर अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

प्रदेश के हितों को मजबूती से उठाने का संकल्प
जीत के बाद दोनों सांसदों ने अपनी-अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ की आवाज को दिल्ली के गलियारों में और भी प्रखरता से उठाएंगी। राज्य के विकास, महिलाओं के उत्थान और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना उनकी मुख्य कार्ययोजना का हिस्सा होगा।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया इतिहास
यह पहला अवसर है जब छत्तीसगढ़ की राजनीति में दोनों प्रमुख दलों (भाजपा और कांग्रेस) ने राज्यसभा के लिए महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।

  • बदलते समीकरण: छत्तीसगढ़ की कुल 5 राज्यसभा सीटों में से अब 3 पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा।
  • दलगत स्थिति: विधानसभा चुनाव के बाद सदन में विधायकों की संख्या के आधार पर अब राज्यसभा में भी समीकरण बदल गए हैं। कांग्रेस की ओर से फूलोदेवी नेताम को पार्टी ने दोबारा मौका दिया है।

विधानसभा की दावेदारी के बाद अब दिल्ली का सफर
रोचक तथ्य यह है कि लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम दोनों ने ही पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी-अपनी पार्टियों से टिकट की दावेदारी पेश की थी। उस समय दोनों को चुनावी मैदान में उतरने का मौका नहीं मिल सका था, लेकिन राज्यसभा चुनाव ने उनके लिए संसद के उच्च सदन के द्वार खोल दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि अब संसद में छत्तीसगढ़ की आवाज और भी मजबूती से गूंजेगी।

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