डबल मर्डर मामले में पूर्व विधायक को आजीवन कारावास: मां-बेटी के चर्चित हत्याकांड में तीन बार के विधायक को उम्रकैद की सजा… प्रेमिका और उसकी बेटी को पहले रॉड से मारा… फिर सबूत मिटाने चढ़वा दी थी गाड़ी

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के चर्चित दोहरे मर्डर केस में पूर्व विधायक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चार साल पुराने केस में रायगढ़ की सेशन कोर्ट ने उड़ीसा में तीन बार के विधायक रहे अनूप साय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पूर्व विधायक को यह सजा अप्रैल 2016 में ब्रजराजनगर थाना क्षेत्र स्थित राजपुर गांव की कल्पना दास और उसकी बेटी बबली दास की हत्या करने और उसके बाद उनके शवों को रायगढ़ में फेंके जाने के मामले में मिली है। घटना के चार साल बाद इस घटना का तत्कालीन एसपी रहते संतोष कुमार सिंह ने खुलासा किया था।

मां-बेटी से इस मर्डर केस में पूर्व विधायक अनूप दास के खिलाफ चक्रधरनगर में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। सेशन कोर्ट में चले इस मामले में पूर्व विधायक अनूप साय को आजीवन कारावास की सजा हुई है, वहीं इसी मामले में अनूप साय के ड्राइवर वर्धन टोप्पो को बरी किया गया है। रायगढ़ के पंचम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला के न्यायालय ने ये फैसला सुनाया वहीं शासन की ओर से लोक अभियोजक दीपक शर्मा ने पैरवी की।

ये पूरा मामला 7 मई 2016 का है। जब 7 मई 2016 को इस मामले में पुलिस से शिकायत हुई थी। पुलिस को बताया गया था कि चक्रधरनगर थाना के संबलपुरी गांव में मां शाकंम्बरी प्लांट के रास्ते पर एक महिला और एक बच्ची की लाश मिली है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू की थी। जांच में पुलिस ने महिला की पहचान ओडिशा के बृजराजनगर निवासी कल्पना दास श्रीवास्तव और बच्ची की पहचान बबली श्रीवास्तव(14) के रूप में की थी।

कॉल डिटेल में पूर्व विधायक का नाम आया था सामने
दोनों के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच और तेज की थी। मोबाइल का कॉल डिटेल निकाला गया था। जिसमें ओडिशा के बृजराजगर से BJD( बीजू जनता दल) के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय(59) का नाम आया था। इसके बाद पुलिस ने अनूप कुमार साय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। पूछताछ में पहले तो अनूप कुमार साय ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। मगर बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।

ब्लैकमेल कर रही थी इसलिए मारा
पूछताछ में अनूप कुमार ने बताया था कि कल्पना से उसकी मुलाकात 2004-05 में हुई थी। जिसके बाद पहले उससे दोस्ती हुई। फिर हमारे बीच प्रेम प्रसंग हो गया था। इसी के चलते मैंने उसे अपने भुवनेश्वर के मकान में रखा था। लेकिन उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। वह मुझ पर शादी करने और पैसा देने का दबाव बनी रही थी। ब्लैकमेल कर रही थी। इसी वजह से मैं तंग आ गया था।

शादी के बहाने लाया और मार दिया
अनूप ने पुलिस को बताया था कि इन्हीं सब बातों से तंग आगर मैंने कल्पना को शादी का झांसा दिया था और कल्पना और उसके बेटी को लेकर रायगढ़ आ रहा था। इसी बीच मौके मिलने पर मैंने पहले रॉड से दोनों को मारा था। इसके बाद सबूत मिटाने अपने ड्राइवर से दोनों के ऊपर गाड़ी चलवा दी थी। अनूप के इस बयान के बाद पुलिस ने उसके ड्राइवर बर्मन टोप्पो को भी गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी की बात 14 फरवरी 2020 को बताई थी। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद से यह पूरा मामला रायगढ़ के जिला कोर्ट में चल रहा था। जिस पर अब फैसला आया है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में अनूप के ड्राइवर को बरी कर दिया है।

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