दुर्ग में नाबालिग से दुष्कर्म, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा

दुर्ग। जिले के जामगांव आर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पाटन की अपर सत्र न्यायालय ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी अनेश्वर कुमार साहू उर्फ अन्नू (20) को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के मुताबिक, घटना 30 अक्टूबर 2025 की है। नाबालिग स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची और शाम तक घर भी नहीं लौटी। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। नाबालिग के पिता ने जामगांव आर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नाबालिग को आरोपी अनेश्वर कुमार साहू के साथ बाइक पर जाते देखा था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, अनेश्वर कुमार साहू ने सह-आरोपी थलेश कुमार उर्फ मोनू उर्फ पिगलू (19) के साथ मिलकर नाबालिग को उसके माता-पिता की सहमति के बिना बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पीड़िता की उम्र 16 साल से कम थी।

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ POCSO एक्ट और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। नाबालिग की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी गई है। जांच के बाद पुलिस ने अनेश्वर कुमार साहू को 7 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

मामले की जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 2 जनवरी 2026 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। इसके बाद 9 जनवरी 2026 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए। 3 फरवरी 2026 से मामले में गवाहों और सबूतों की सुनवाई शुरू हुई।

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। कोर्ट ने पेश किए गए सबूतों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को देखने के बाद अनेश्वर कुमार साहू को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी माना। कोर्ट ने 14 अगस्त 2026 को फैसला सुरक्षित रखा था।

19 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी अनेश्वर कुमार साहू को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा दी। साथ ही 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को दो महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जुर्माने की राशि जमा होने पर पूरी रकम पीड़िता को दी जाएगी। आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है। कोर्ट ने उसका सजा वारंट तैयार कर उसे सजा पूरी करने के लिए केंद्रीय जेल, दुर्ग भेजने का आदेश दिया है।

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