मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब ‘केरल’ नहीं ‘केरलम’ कहलाएगा राज्य, केंद्र ने नाम बदलने के प्रस्ताव को दी मंजूरी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई बिल्डिंग ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को आयोजित पहली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मोदी कैबिनेट ने केरल सरकार के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसमें राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग की गई थी।

केरल विधानसभा की कोशिशें लाईं रंग

यह फैसला केरल विधानसभा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के बाद आया है। बता दें कि 24 जून, 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ किया जाए।

  • पिछली बाधा: विधानसभा ने इससे पहले भी प्रस्ताव भेजा था, लेकिन गृह मंत्रालय (MHA) ने कुछ तकनीकी सुधारों का सुझाव दिया था, जिसके बाद विधानसभा ने संशोधित प्रस्ताव दोबारा पास किया।
  • संविधान का आठवां शेड्यूल: मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मांग थी कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी आधिकारिक भाषाओं में राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ किया जाए।

क्यों बदला जा रहा है नाम?

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस बदलाव के पीछे सांस्कृतिक और भाषाई तर्क दिए हैं। उनके अनुसार:

  1. मलयालम पहचान: मलयालम भाषा में राज्य को हमेशा से ‘केरलम’ ही कहा जाता रहा है।
  2. ऐतिहासिक मांग: मलयालम बोलने वाले समुदायों के लिए एक एकीकृत ‘केरलम’ बनाने की मांग स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही रही है।
  3. संवैधानिक सुधार: वर्तमान में संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम ‘केरल’ दर्ज है, जिसे अब संशोधित किया जाएगा।

चुनावी माहौल के बीच बड़ा कदम

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अप्रैल-मई में केरल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की इस मांग को मानना क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कैबिनेट अपडेट: बैठक में केवल नाम परिवर्तन ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और नीतिगत बदलावों पर भी चर्चा हुई, जो ‘सेवा तीर्थ’ से संचालित होने वाली नई कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं।


प्रमुख बिंदु एक नजर में:

विवरणजानकारी
नया नामकेरलम
प्रस्तावकमुख्यमंत्री पिनाराई विजयन
मंजूरी देने वाली संस्थाकेंद्रीय कैबिनेट (भारत सरकार)
बैठक का स्थान‘सेवा तीर्थ’ (नया PMO बिल्डिंग)
संवैधानिक आधारपहली और आठवीं अनुसूची में संशोधन
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