भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के विभिन्न गेटों पर ट्रकों की आवाजाही, डिस्पैच और परिवहन व्यवस्था में आ रही समस्याओं को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने अपनी परेशानी दुर्ग सांसद विजय बघेल के सामने रखी। भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और स्टील चैंबर भिलाई के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के निवास पर मुलाकात कर VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम), सर्वर की तकनीकी दिक्कतों, वाहनों की IN-OUT प्रक्रिया में देरी और गेटों पर प्रवेश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद विजय बघेल ने तत्काल BSP के CEO चित्तरंजन महापात्रा से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने CISF DIG चंदन झा से फोन पर बातचीत कर ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं का जल्द समाधान करने और संयंत्र के गेटों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तीन प्रमुख गेटों पर वाहनों की एंट्री में बड़ी गिरावट
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सांसद को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि संयंत्र के कई गेटों पर पहले की तुलना में अब काफी कम वाहनों को प्रवेश मिल पा रहा है। इससे डिस्पैच और परिवहन कार्य प्रभावित हो रहा है।
एसोसिएशन के अनुसार, वाहनों की आवाजाही में गिरावट के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- रोलिंग मिल गेट: पहले प्रतिदिन 120 से 130 वाहन प्रवेश करते थे, अब इनकी संख्या घटकर 50 से 60 रह गई है।
- डिस्पोजल गेट: पहले प्रतिदिन 60 से 65 वाहनों की आवाजाही होती थी, अब केवल 25 से 30 वाहन ही प्रवेश कर पा रहे हैं।
- बोरिया गेट: पहले 105 से 110 वाहन प्रवेश करते थे, जबकि वर्तमान में करीब 70 से 80 वाहनों को ही प्रवेश मिल रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि गेटों की व्यवस्था में सुधार कर वाहनों की आवाजाही बढ़ाई जाए, ताकि परिवहन और डिस्पैच कार्य प्रभावित न हो।
VTS और सर्वर की खराबी से बढ़ रहा इंतजार
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि विभिन्न गेटों पर VTS और सर्वर में बार-बार तकनीकी समस्याएं आने से वाहनों की एंट्री और निकासी की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसके चलते ट्रकों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और परिचालन लागत दोनों बढ़ते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने गेटों के आसपास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने, खाली वाहनों के प्रवेश और लोडेड वाहनों की निकासी के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने तथा ऑटोमेशन चेकिंग सिस्टम लागू करने की मांग भी रखी।
इसके अलावा, लोडिंग पूरी होने के बाद वाहनों के दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि ट्रकों को बिना वजह गेटों पर खड़ा न रहना पड़े।
अतिरिक्त गेट और पार्किंग व्यवस्था सुधारने की मांग
एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में खाली वाहनों के प्रवेश और माल से लदे वाहनों की निकासी के लिए अतिरिक्त गेट की सुविधा विकसित करने का सुझाव दिया। संगठन का कहना है कि इससे मौजूदा गेटों पर दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी।
ट्रांसपोर्टरों ने VTS और सर्वर की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने, पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने तथा प्रवेश-निकासी की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की मांग की है।
सांसद विजय बघेल ने BSP CEO और CISF DIG से की बात
प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों के बाद सांसद विजय बघेल ने BSP CEO चित्तरंजन महापात्रा से चर्चा कर तकनीकी और परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने CISF DIG चंदन झा से भी फोन पर बात कर गेटों पर ट्रांसपोर्टरों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया।
सांसद की इस पहल से ट्रांसपोर्टरों को उम्मीद है कि BSP प्रबंधन और CISF के समन्वय से प्रवेश-निकासी की व्यवस्था में सुधार होगा और डिस्पैच में होने वाली देरी कम की जा सकेगी। हालांकि, समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बैठक में स्टील चैंबर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में स्टील चैंबर की ओर से पवन अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल और दिनेश अग्रवाल शामिल हुए। वहीं, भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल चौधरी, महासचिव मलकीत सिंह, संरक्षक महेंद्र सिंह, बलजिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष जोगा राव, सचिव शाहनवाज कुरैशी सहित मुन्ना सिंह, उमेश सिंह, दिलीप खटवानी, रिज्जु सिंह, विक्रम अग्रवाल, अमित सिंह, गजेंद्र साहू, सुधीर सिंह, मोनी, अरविंद, चलपत राव, आनंद सिंह, गुरप्रीत सिंह और प्रशांत सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए संगठन प्रतिबद्ध
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा कि संगठन ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा और संयंत्र में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। संगठन के मुताबिक, तकनीकी समस्याओं के समाधान और प्रवेश-निकासी प्रक्रिया में सुधार से ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलने के साथ ही संयंत्र के डिस्पैच कार्य को भी गति मिलेगी।
अब ट्रांसपोर्टरों की निगाहें BSP प्रबंधन और CISF की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि सांसद विजय बघेल की पहल के बाद गेटों पर आ रही समस्याओं का जल्द निराकरण होगा और ट्रकों की आवाजाही पहले की तरह सुचारु हो सकेगी।

