दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया था। जांच में उसके खाते से 14.16 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत संचालित बैंक खातों की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और आर्थिक लाभ कमाने के लिए किया जा रहा था।
इसी जांच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की चिखली शाखा में संचालित एक खाते पर संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया था। खाताधारक ने पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराया था।

पुलिस ने बताया कि अहिवारा निवासी आकाश भट्ट का बैंक खाता साइबर अपराध में ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल किया गया। जांच में इस खाते में करीब 14,16,645 रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब इस मामले में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और साइबर ठगी के इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।