छत्तीसगढ़: लव ट्राइंगल में दोस्त का मर्डर: दोस्त की दगाबाजी व गर्लफ्रेंड की बेवफाई से नाराज प्रेमी ने किया था भावेश का खून… 24 अप्रैल को नहर में मिली थी युवक की लाश, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा… पढ़िए ये मर्डर मिस्ट्री

धमतरी। 120 दिन की आशिकी में 20 साल के भावेश का कत्ल हो गया। दोस्त की दगाबाजी और गर्लफ्रेंड की बेवफाई ने उमाशंकर की आंखों में इस कदर खून उतारा कि उसने अपने दोस्त भावेश को खौफनाक मौत दे दी। बेवफाई में वहशी बने उमाशंकर के खून करने का अंदाज और सबूत मिटाने के तरीके ने पुलिस को हैरान कर दिया। छत्तीसगढ़ धमतरी जिले के रुद्री के पास नहर में 24 अप्रैल को 20 साल के युवक भावेश देवांगन की लाश मिली थी.

72 घंटे पहले हुए कत्ल की गुत्थी आज पुलिस ने सुलझायी, हालांकि पहले ये झूठ फैलाया गया था कि भावेश नाम के 20 साल के युवक की मौत रूद्री के पास नहर में डूबकर हुई है। शुरुआती तफ्तीश में ही मौत और मर्डर का पेंच उलझता दिख रहा था। फिर जैसे ही दोस्तों से पूछताछ का दौर शुरू हुआ, एक के बाद एक मौत की गुत्थी खुलती चली गयी । पुलिस को मालूम चल गया कि ये हादसा नहीं बल्कि हत्या है, जिसे प्रेम त्रिकोण की वजह से अंजाम दिया गया है।

दरअसल कांकेर के रहने वाले 20 साल के भावेश की उमाशंकर और यशवर्धन के साथ दोस्ती थी। उमाशंकर की एक दोस्त थी, जो कालेज की पढ़ाई करती थी, एक दिन उमाशंकर भावेश को अपनी गर्लफ्रेंड से मिलाया, जिसके बाद भावेश अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड पर फिदा हो गया। जल्द ही नंबर एक्सचेंज हुआ और फिर उमाशंकर की गर्लफ्रेंड और भावेश की फोन पर बातचीत शुरू हो गयी।

दोनों चुपके-चुपके मिलने भी लगे। शुरुआत में तो उमाशंकर को इसकी जानकारी नहीं हुई, लेकिन जब उसकी गर्लफ्रेंड ने उसे इंग्नोर करना शुरू किया, तो उमाशंकर को भावेश की दगाबाजी और गर्लफ्रेंड की बेवफाई की जानकारी हुई।

इधर, दोस्त की दगाबाजी से बौखलाये उमाशंकर और भावेश के बीच गर्लफ्रेंड के चक्कर में खूब विवाद और मारपीट भी हुआ। उमाशंकर ने भावेश को ये धमकी भी दी थी कि अगर उसने उसकी गर्लफ्रेंड को नहीं छोड़ा तो उसका अंजाम ठीक नहीं होगा, लेकिन भावेश ने बातचीत बंद नहीं की, जिसके बाद से भावेश को रास्ते से हटाने का प्लान उमाशंकर ने तैयार करना शुरू कर दिया।

योजना के मुताबिक 23 अप्रैल को उमाशंकर और यशवर्धन मृतक भावेश के घर गए और पार्टी करने की बात पर राजी किया और अपने साथ बाइक पर धमतरी ले आये। धमतरी में उमाशंकर ने एक और दोस्त विकास को भी अपने साथ लिया, विकास धमतरी में किराए का कमरा लेकर रहता है। ये चारों शराब खरीद कर रुद्री नहर के किनारे गए वहाँ भावेश को जम कर शराब पिलाई।

उसके नशे में धुत्त होने के बाद उसके कपड़े उतारे और गहरे पानी में फेंक दिया। इसके बाद भावेश का मोबाइल पर्स और बाइक लेकर चले गए। विकास को धमतरी में छोड़ दिया। उमाशंकर और यशवर्धन इसके बाद कांकेर की ओर लौटने लगें। रास्ते मे जंगल के अंदर सबूत मिटाने के इरादे से मृतक भावेश की बाइक को जला दिया, बाद में 24 अप्रैल को भावेश की लाश घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर नहर में बरामद की गई थी

शुरू में इस घटना को एक हादसा समझा जा रहा था, लेकिन मौके से मृतक के पर्स, मोबाइल का गायब होने, और कांकेर के जंगल मे जली हुई बाइक का मिलना और इन सबके बाद मृतक के मामा का लगातार इसको हत्या होने का दावा करना, इससे पुलिस गहराई से जांच के लिए दबाव में आई, दोस्तो से पूछताछ के सिलसिला चला, और आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया और इसको अंजाम देने की वजह का भी खुलासा कर दिया।


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