जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘प्लेन क्रैश’ की सनसनीखेज खबर पूरी तरह अफवाह साबित हुई है। प्रशासन की मैराथन जांच में खुलासा हुआ है कि दुर्घटना की जो तस्वीरें वायरल की गई थीं, वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार की गई थीं। पुलिस अब उन शरारती तत्वों की तलाश में है जिन्होंने इस फर्जी खबर को हवा दी।

सोशल मीडिया पर ऐसे फैली दहशत
नारायणपुर और आरा पहाड़ क्षेत्र के नाम से कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की गईं। इनमें पहाड़ से धुआं उठते हुए और एक प्राइवेट चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा किया गया था। इन तस्वीरों को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और प्रशासन को भी आपातकालीन कदम उठाने पड़े।
1000 जवानों ने 5 घंटे तक छाना पहाड़
अफवाह की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग के करीब 1000 कर्मचारियों की टीम ने आरा पहाड़ के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब पांच घंटे तक चले इस अभियान के बाद भी कहीं कोई मलबा या दुर्घटना के निशान नहीं मिले।
अगले दिन भी देव टोंगरी जैसे कठिन रास्तों पर ड्रोन और पैदल सर्चिंग की गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इसके बाद प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इस खबर का खंडन किया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा: AI का हुआ दुरुपयोग
जांच के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि विमान दुर्घटना और मलबे की जो तस्वीरें वायरल हुईं, वे असली नहीं बल्कि AI जनित (AI Generated) थीं। तकनीक का गलत इस्तेमाल कर इन तस्वीरों को इतना असली बनाया गया था कि लोग आसानी से झांसे में आ गए। वहीं, धुएं वाले वीडियो के पीछे स्थानीय युवकों का हाथ होने की बात सामने आई है।
पुलिस की कार्रवाई: दोषियों की खैर नहीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुन्कुरी एसडीओपी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह खबर पूरी तरह निराधार है। पुलिस अब उन सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रैक कर रही है, जहां से सबसे पहले ये पोस्ट डाली गई थीं।
“सोशल मीडिया पर फैलाई गई प्लेन क्रैश की खबर पूरी तरह झूठी है। तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह किया गया है। अफवाह फैलाने वाले दोषियों की पहचान की जा रही है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — प्रशासनिक अधिकारी