भिलाई। भिलाई में आज सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के प्रवर्तन अनुभाग (ED) की टीम ने न्यू सिविक सेंटर स्थित शॉप/प्लॉट नं 182 के लीजधारक के खिलाफ कार्रवाई की। लीजधारक ने 29 सितंबर 2012 को समाप्त हुई लीज को नवीनीकरण कराए बिना ही दुकान का संचालन किया था और 77 लाख 52 हजार रुपए का बकाया बिल भी 2014 से नहीं चुकाया था। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने पुलिस बल की सहायता से दुकान को सील किया। यह मामला संपदा न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 56/2016 से जुड़ा हुआ है। इस मामले में शॉप नं 182 और लीजधारक दिनेश कुमार सिंघल के खिलाफ डिक्री आदेश पारित किया गया था, जिसके बाद अनाधिकृत कब्जाधारियों को बेदखल किया गया और दुकान का विद्युत कनेक्शन भी काट दिया गया।

शॉप नं 182 को 30 साल के लिए जसराज कोचर को लीज पर आबंटित किया गया था। हालांकि, 29 सितंबर 2012 को लीज की अवधि समाप्त हो गई थी और लीज नवीनीकरण नहीं होने पर 2015 में बीएसपी ने दुकान का आवंटन रद्द कर दिया था। जसराज कोचर की मृत्यु के बाद, उनके नाम पर पावर ऑफ अटॉर्नी पर कब्जा करने वाले दिनेश कुमार सिंघल ने दुकान पर अनधिकृत रूप से कब्जा किया।
इस मामले को बीएसपी प्रबंधन ने 2016 में संपदा न्यायालय में चुनौती दी थी, और 2017 में संपदा न्यायालय ने बीएसपी के पक्ष में आदेश दिया था। हालांकि, सिंघल ने इस आदेश को चुनौती दी, लेकिन दुर्ग न्यायालय ने 2019 में इसे बरकरार रखा और अंत में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फरवरी 2025 में याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही संपदा न्यायालय का आदेश प्रभावी हो गया।
कार्यवाही के दौरान भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसीडेंट ज्ञान चंद जैन ने इसका विरोध करते हुए कैमरे के सामने दुकान का ताला तोड़ने की धमकी दी। इस पूरी कार्रवाई में करीब 300 लोगों की टीम शामिल थी, जिसमें प्रवर्तन अनुभाग, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, महिला सुरक्षा गार्ड सहित निजी सुरक्षा गार्ड्स और शॉप अनुभाग के कर्मचारी शामिल थे।