महिला आरक्षण बिल का विरोध महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के साथ अन्याय: भावना बोहरा

पंडरिया/भिलाई: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मी के बीच पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन विधेयक को रोकना कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए अधिकारों की कुर्बानी

विधायक भावना बोहरा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नेतृत्व और नीति निर्माण में विशेष स्थान देने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र बुलाया गया था। लेकिन विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर इस अधिकार का विरोध किया और इसे पारित होने से रोक दिया। उन्होंने कहा, “विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिए करोड़ों महिलाओं के अधिकारों की कुर्बानी दे दी है।”

‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ केवल चुनावी नारा

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भावना बोहरा ने कहा कि चुनाव के दौरान ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का नारा देने वाली पार्टी ने इस अधिनियम में बाधा डालकर यह साबित कर दिया है कि उनके लिए महिलाएं केवल एक वोट बैंक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की माताएं और बहनें इस अपमान को स्वीकार नहीं करेंगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देंगी।

मोदी सरकार की नीतियों से सशक्त हुई महिलाएं

भावना बोहरा ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना, आवास, शौचालय, नमो ड्रोन दीदी, लखपति दीदी और तीन तलाक जैसे कानूनों को समाप्त कर प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। अब राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में लाया गया यह विधेयक महिलाओं को निर्णायक भूमिका में स्थापित करने वाला था, जिसे विपक्ष ने बाधित कर लोकतंत्र की भावना के साथ खिलवाड़ किया है।

विपक्ष की नकारात्मक राजनीति पर प्रहार

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष अब जनहित से भटक चुका है। चाहे वह धारा 370 हटाना हो, राम मंदिर निर्माण, सर्जिकल स्ट्राइक या वन नेशन वन इलेक्शन की पहल—विपक्ष ने हर बड़े और राष्ट्रहित के निर्णय पर केवल नकारात्मक रुख अपनाया है।

विधायक भावना बोहरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि नारी शक्ति का यह अपमान अब हर गांव और शहर में गूंजेगा और आने वाले समय में महिलाएं इन महिला विरोधी ताकतों को कड़ा सबक सिखाएंगी।

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