रायपुर/पंडरिया: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र सहित प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। महिला एवं बाल विकास विभाग की बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए उन्होंने पंडरिया के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग की।

आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन की मांग
विधायक भावना बोहरा ने विशेष रूप से आदिवासी बाहुल्य और वनांचल क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्ति और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इन केंद्रों का सुदृढ़ीकरण अनिवार्य है, ताकि ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
पंचायतों में विकास कार्य और कंप्यूटरीकरण पर सवाल
सदन में चर्चा के दौरान भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले में पंचायतों के कामकाज पर विस्तृत जानकारी मांगी।
- विकास कार्य: वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जिले में कुल 6,254 कार्य स्वीकृत हुए, जिनकी लागत 67.80 करोड़ रुपये है। वर्तमान में 3,573 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 1,373 प्रगति पर हैं।
- डिजिटलीकरण की सुस्त रफ्तार: विधायक ने पंचायतों के कंप्यूटर विहीन होने का मुद्दा उठाया। सरकारी जवाब में बताया गया कि इस अवधि में पंडरिया विधानसभा की पंचायतों में केवल 07 कंप्यूटर ही क्रय किए गए हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े करता है।
जी-राम-जी (मनरेगा) भुगतान में देरी
प्रदेश में ‘विकसित भारत – जी राम जी’ (पूर्व में मनरेगा) योजना के तहत मजदूरों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी सदन में गरमाया।
- बकाया राशि: आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 तक राज्य में 53,143.71 लाख रुपये (लगभग 531 करोड़) का मजदूरी भुगतान लंबित है।
- फर्जी जॉब कार्ड: राहत की बात यह रही कि पिछले 3 वर्षों में जिले में कोई फर्जी या डुप्लीकेट जॉब कार्ड नहीं पाया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा करते हुए विधायक ने क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) की स्थिति पूछी।
- कवर्धा जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य अभी प्लिंथ लेवल (बुनियादी स्तर) पर है।
- जिले के कवर्धा, सहसपुर लोहरा, बोड़ला और पंडरिया के स्वास्थ्य केंद्रों में 10 बिस्तर वाले पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) संचालित हैं, जहाँ कुपोषित बच्चों का उपचार किया जा रहा है।
बेरोजगारी और रोजगार मेलों की हकीकत
कबीरधाम जिले में बेरोजगारी के आंकड़ों ने सबका ध्यान खींचा।
- पंजीकृत बेरोजगार: जिले में 28,619 युवक और 18,811 युवतियां (कुल 47,430) रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हैं।
- प्लेसमेंट की स्थिति: पिछले दो वर्षों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से केवल 211 अभ्यर्थियों को ही रोजगार प्राप्त हो सका है।
विधायक भावना बोहरा ने सदन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों में तेजी लाई जाए।