रायपुर | छत्तीसगढ़ में बिजली की नई दरों और आगामी वर्षों के लिए राजस्व योजनाओं को लेकर बड़ी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन जन-सुनवाई का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
यह सुनवाई वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण और पूंजीगत निवेश योजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होगी।

सुनवाई का पूरा शेड्यूल (17 और 18 फरवरी)
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, जन-सुनवाई दो दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए आयोजित की जाएगी:
| तिथि | क्षेत्र | समय |
| 17 फरवरी 2026 | दुर्ग | प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक |
| बिलासपुर | दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक | |
| राजनांदगांव | दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक | |
| 18 फरवरी 2026 | अंबिकापुर | प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक |
| जगदलपुर | दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक | |
| रायगढ़ | दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक |
प्रमुख बिंदु और भागीदारी
- पारदर्शिता पर जोर: आयोग का उद्देश्य टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया में आम जनता और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
- इन कंपनियों की याचिकाओं पर चर्चा: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन, पारेषण (Transmission), वितरण (Distribution) कंपनी और राज्य भार पोषण केंद्र की याचिकाओं पर विचार किया जाएगा।
- कैसे जुड़ें: इच्छुक उपभोक्ता और जन-प्रतिनिधि संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से ऑनलाइन माध्यम से इस सुनवाई का हिस्सा बन सकते हैं।
नोट: याचिकाओं का विस्तृत सारांश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.cserc.gov.in पर पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है।
आयोग ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि बिजली दरों के निर्धारण में पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता के सुझावों को स्थान मिल सके।