प्रांशु क्षत्रिय बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस और अवैध कारोबारियों की कथित सांठगांठ को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कोनी थाना परिसर से वायरल हुई एक तस्वीर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में अवैध कबाड़ कारोबारी अकबर खान थाना परिसर के भीतर आराम से कुर्सी पर बैठकर चाय पीता नजर आ रहा है, जबकि सामने मौजूद पुलिसकर्मी उसकी खातिरदारी करते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अकबर खान कोनी थाना क्षेत्र में अवतार पैलेस के सामने अवैध कबाड़ कारोबार संचालित करता है। हाल ही में बिलासपुर एसपी द्वारा शहरभर में अवैध कबाड़ियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कोनी पुलिस ने अकबर खान के खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे थाने बुलाया था, लेकिन कार्रवाई से ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है, जिसमें आरोपी थाने के भीतर किसी आम आरोपी की तरह नहीं, बल्कि खास मेहमान की तरह नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

पुलिसकर्मियों पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक वायरल तस्वीर में प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े मौजूद हैं। आरोप है कि अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने के बदले पुलिसकर्मियों तक हर महीने रकम पहुंचती है, जिसके चलते शहर में कबाड़ का अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।
एएसपी ने दी सफाई
मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित कबाड़ कारोबारी को केवल दस्तावेजों की जांच के लिए थाने बुलाया गया था और उसकी दुकान को सील कर दिया गया है।हालांकि, वायरल तस्वीर के बाद लोगों का सवाल है कि क्या आम नागरिकों को भी दस्तावेज जांच के दौरान इसी तरह थाने में बैठाकर चाय पिलाई जाती है?
अब सबकी नजर एसपी पर
घटना के सामने आने के बाद अब नजरें बिलासपुर एसपी पर टिकी हैं। देखना होगा कि वायरल तस्वीर और पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका पर विभागीय कार्रवाई होती है या मामला जांच तक सीमित रह जाता है।