बालाजी बिल्डर्स पर CG-RERA की बड़ी कार्रवाई : बिना पंजीयन भूखंड बेचने पर 20 लाख का जुर्माना

CG-RERA

रायपुर। बिना अनिवार्य रेरा पंजीयन के भूखंडों की बिक्री करने पर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने भिलाई के बालाजी बिल्डर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिल्डर पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह मामला भिलाई की दो परियोजनाओं में बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री से संबंधित है।

प्राधिकरण के आदेश के अनुसार, मेसर्स बालाजी बिल्डर्स के प्रोपराइटर जुगल किशोर तिवारी ने भिलाई के प्रियंका नगर में खसरा नंबर 617/17 और आदर्श नगर में खसरा नंबर 95/43 की जमीन पर भू-संपदा परियोजनाएं विकसित कर भूखंडों की बिक्री की थी। जांच में सामने आया कि इन दोनों परियोजनाओं का छत्तीसगढ़ रेरा में अनिवार्य पंजीयन नहीं कराया गया था।

भूखंड बेचकर राशि भी ली, लेकिन नहीं कराया पंजीयन

जांच के दौरान प्राधिकरण ने पाया कि संबंधित जमीनों का विभाजन कर अलग-अलग भूखंड बेचे गए और खरीदारों से भुगतान भी प्राप्त किया गया। इसके बावजूद परियोजनाओं को रेरा में पंजीकृत नहीं कराया गया। CG-RERA ने इस कार्रवाई को भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन माना।

धारा 59 के तहत 20 लाख रुपये का जुर्माना

अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक, रेरा के दायरे में आने वाली परियोजना का पंजीयन कराए बिना उसका विज्ञापन, प्रचार, बुकिंग या बिक्री नहीं की जा सकती। इस नियम की अनदेखी करने पर प्राधिकरण ने धारा 59 के तहत बालाजी बिल्डर्स पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने के साथ ही प्रमोटर को धारा 3 और 4 के तहत प्रियंका नगर और आदर्श नगर स्थित दोनों परियोजनाओं का नियमानुसार पंजीयन कराने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए रेरा पंजीयन अनिवार्य

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भू-संपदा परियोजनाओं के विकास और बिक्री में निर्धारित कानूनी नियमों का पालन जरूरी है। रेरा पंजीयन के माध्यम से खरीदारों को परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होती हैं और उनके हितों की सुरक्षा में मदद मिलती है।

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