रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गन्ना उत्पादक किसानों की मांग, कांग्रेस के आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के दावे और CJP के प्रदर्शन को लेकर अपनी बात रखी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने उसके राजनीतिक भविष्य पर तंज कसा। वहीं, कवर्धा में गन्ने की कीमत बढ़ाने के फैसले को किसानों के आंदोलन से जोड़कर इसकी जानकारी दी।
गन्ने की कीमत में 70 रुपये की बढ़ोतरी, किसानों ने वापस लिया आंदोलन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि कवर्धा में गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर किसान आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान किसान नेताओं के साथ चर्चा हुई, जिसके बाद गन्ने की कीमत 355 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई। यानी कीमत में 70 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। सीएम के अनुसार, सरकार के इस फैसले के बाद किसानों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि कवर्धा गन्ना उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है, इसलिए किसानों की मांग और उनकी समस्याओं को लेकर चर्चा की गई थी।
महंत के 2028 में सरकार बनाने के दावे पर साय का पलटवार
कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा था कि पहले पार्टी में एकजुटता की कमी थी, लेकिन अब कांग्रेस एकजुट है और 2028 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेगी। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसते हुए इसे ‘खयाली पुलाव’ करार दिया। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस को सपने देखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय कांग्रेस का पूरे देश में एकछत्र राज था, लेकिन अब उसकी कथनी और करनी में अंतर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि झूठ, फरेब और लोगों को धोखा देने की वजह से कांग्रेस लगातार सिमट रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस की स्थिति और कमजोर होगी तथा ऐसे हालात बन जाएंगे कि पार्टी के लोगों को ढूंढना भी मुश्किल हो जाएगा।
CJP के प्रदर्शन पर बोले सीएम, अशांति रोकने के लिए उठाए कदम
CJP के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले हुए आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे। सरकार नहीं चाहती कि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा हो, जिससे प्रदेश का माहौल खराब हो या अशांति फैले। उन्होंने कहा कि पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

