सुखदेव भगत के बस्तर दौरे पर अजय चंद्राकर का तंज : बोले- बाढ़ में नहीं आए, अब हालात सामान्य तो कर रहे राजनीति

विधायक अजय चंद्राकर

रायपुर। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत के प्रदेश दौरे और जगदलपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बस्तर में जब बाढ़ की स्थिति थी, उस दौरान सुखदेव भगत वहां नहीं पहुंचे। अब हालात सामान्य होने के बाद प्रदर्शन के लिए बस्तर आने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

बाढ़ के वक्त सरकार ने संभाला था मोर्चा

अजय चंद्राकर ने कहा कि बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद बस्तर पहुंचे थे और प्रभावित लोगों से मुलाकात की थी। उनके मुताबिक, प्रभावित इलाकों में राहत और व्यवस्थाओं को लेकर सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए। भाजपा विधायक ने कहा कि जब संकट का दौर था, तब सरकार ने मौके पर जाकर स्थिति संभाली, जबकि अब परिस्थितियां सामान्य होने के बाद जो गतिविधियां हो रही हैं, उन्हें वे राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर देख रहे हैं।

सुखदेव भगत से पूछा- झारखंड में सरकार क्यों नहीं बनी?

अजय चंद्राकर ने कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के राजनीतिक रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन और राजनीति करने से पहले उन्हें यह देखना चाहिए कि झारखंड में कांग्रेस सरकार बनाने में सफल क्यों नहीं हो सकी और इसके पीछे क्या कारण रहे।

कोल घोटाले की चार्जशीट पर भी प्रतिक्रिया

ACB-EOW की ओर से कथित कोल घोटाला मामले में कांग्रेस नेताओं समेत 12 लोगों के खिलाफ चालान पेश किए जाने पर भी अजय चंद्राकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने अपनी जांच के आधार पर कार्रवाई की है और अब मामला न्यायालय के समक्ष है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे कांग्रेस से जुड़े बड़े नाम हैं। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों की गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसी के पास जानकारी है और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ी है।

देवेंद्र यादव के आरोप पर भी बोले चंद्राकर

कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव द्वारा जांच के दौरान चिंतामणि महाराज का नाम हटाए जाने का आरोप लगाए जाने पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को पता है कि मामले में किसका नाम है और किसका नहीं। अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि देवेंद्र यादव को लगता है कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति का नाम हटाया गया है, तो उन्हें इस संबंध में अदालत के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में अंतिम निर्णय अब न्यायालय की प्रक्रिया के तहत होगा।

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