रायपुर। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में लंबे समय से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही मादा हिमालयन भालू ‘फफोरी’ का निधन हो गया। 25 वर्षीय फफोरी ने 19 अक्टूबर की मध्यरात्रि अंतिम सांस ली। जंगल सफारी प्रबंधन के मुताबिक, उसकी मौत बढ़ती उम्र के कारण हुई है।
12 साल की उम्र में गुवाहाटी से आई थी फफोरी
फफोरी को वर्ष 2012 में वन्यप्राणी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत असम के गुवाहाटी स्थित चिड़ियाघर से रायपुर लाया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 12 वर्ष थी। इसके बाद से वह नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में ही रह रही थी। लगभग 13 वर्षों से अधिक समय तक रायपुर में रहने वाली फफोरी की देखभाल सफारी प्रबंधन और वन्यजीवों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों द्वारा की जाती रही।
पोस्टमार्टम के बाद विधिवत अंतिम संस्कार
फफोरी की मौत के बाद वन्यप्राणी चिकित्साधिकारी ने नियमानुसार उसका पोस्टमार्टम किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नंदनवन जू एवं जंगल सफारी प्रबंधन और वन्यजीवों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों ने उसे श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।
प्रबंधन ने जताया दुख
फफोरी के निधन से सफारी प्रबंधन और उसकी देखभाल में जुटे कर्मचारियों ने दुख जताया। प्रबंधन के अनुसार, नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में वन्यजीवों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और उनकी देखभाल की जाती है। साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण और उनके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का प्रयास लगातार किया जाता है।
