रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत संतोष सिंह को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में CISF के डीआईजी के रूप में पदस्थ किया गया है। नई जिम्मेदारी के तहत वे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगे।
दिल्ली मेट्रो को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है। दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आसपास के शहरों को जोड़ने वाला यह विशाल नेटवर्क रोजाना लाखों यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराता है। ऐसे में मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
एक दिन में 82 लाख से ज्यादा यात्रियों का रिकॉर्ड
दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब 271 स्टेशनों तक फैला हुआ है और यह दिल्ली-एनसीआर के परिवहन तंत्र का अहम हिस्सा है। हाल ही में 17 सितंबर को दिल्ली मेट्रो में एक ही दिन में करीब 82.45 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई थी। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना CISF की बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है।
छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में SP/SSP के तौर पर संभाली कमान
2011 बैच के IPS अधिकारी संतोष सिंह को छत्तीसगढ़ में लंबे प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रदेश के नौ जिलों में SP/SSP के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव शामिल हैं।इसके अलावा वे सुकमा में ASP और दुर्ग में CSP के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। अलग-अलग भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों वाले जिलों में काम करने का उनका अनुभव नई जिम्मेदारी में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रणनीतिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का भी अनुभव
दिल्ली मेट्रो की जिम्मेदारी संभालने से पहले संतोष सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैदराबाद में DIG South Zone-2 के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर उन्होंने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक में स्थित औद्योगिक एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों के साथ पूर्वी तट के बंदरगाहों की सुरक्षा से जुड़े दायित्व संभाले।पुलिसिंग में संतोष सिंह को सामुदायिक पुलिसिंग और संवेदनशीलता आधारित कार्यशैली के लिए भी जाना जाता है। विभिन्न जिलों में उनकी पोस्टिंग के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ आम लोगों के साथ पुलिस के संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
