रायपुर। दिल्ली के रामलीला मैदान में दो दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर लौट आए हैं। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे सवाल उठाए। रामलीला मैदान में हुई रैली, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, महादेव सट्टा ऐप मामले, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे और राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी के कथित अपमान को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी।
रामलीला मैदान की रैली को बताया ऐतिहासिक
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रामलीला मैदान में हुए प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि रविवार को आयोजित रैली में देशभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। उन्होंने इसकी तुलना वर्ष 1974 और 1994 में हुई रैलियों से करते हुए इसे उनसे भी बड़ा बताया। श्री बघेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का उल्लेख करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रदर्शन में कम भीड़ होने के दावों को भी खारिज किया। बघेल के मुताबिक, बारिश के कारण मैदान के कुछ हिस्सों में कीचड़ था और उसी हिस्से की तस्वीरें प्रसारित कर भीड़ कम होने का दावा किया गया। उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर भी सवाल उठाए।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर जताई चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि छह राज्यों में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। बघेल ने सवाल किया कि जब देश की आबादी बढ़ रही है, तो मतदाताओं की संख्या घटने की स्थिति कैसे बन रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
महादेव ऐप मामले में जांच एजेंसियों से मांगा जवाब
महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर की रिमांड को लेकर बघेल ने जांच की दिशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते वर्ष 2022 में इस मामले में 72 एफआईआर दर्ज की गई थीं। साथ ही सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने के लिए केंद्र को पत्र भेजे जाने की बात भी कही। श्री बघेल ने मामले में शुभम सोनी और सौरभ चंद्राकर की भूमिका को लेकर प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि एजेंसियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का वास्तविक संचालक कौन है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए।
अमित शाह के दौरे पर भी उठाए सवाल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसा। सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि चंद्राकर पहले से ओमान में जेल में था और उसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत भारत लाया गया है। बघेल ने इसे किसी एजेंसी की खोज या गिरफ्तारी बताने पर सवाल उठाए।
छत्तीसगढ़ महतारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी के कथित अपमान को लेकर बघेल ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और यहां के लोगों से वास्तविक जुड़ाव नहीं है। बघेल ने कहा कि चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सत्ता में आने के बाद प्रदेश के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने राज्य के खनिज संसाधनों को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
राज्योत्सव में कर्मचारियों की उपस्थिति के आदेश पर तंज
रायपुर जिले के खाद्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्योत्सव में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के आदेश पर भी बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में भीड़ को लेकर सवाल उठाने वाली भाजपा अब अमित शाह के दौरे के दौरान भीड़ जुटाने के लिए सरकारी कर्मचारियों और राशन दुकानदारों का सहारा ले रही है।

