CG: धर्मनगरी राजिम अब बनी ‘नगर पालिका’, नोटिफिकेशन जारी; विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार

राजिम। राजिम क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतीक्षित और वर्षों पुरानी मांग को आखिरकार राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन ने राजिम नगर पंचायत का दर्जा बढ़ाकर उसे अब नगर पालिका के रूप में उन्नत (अपग्रेड) कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है। इस फैसले के बाद से ही पूरे राजिम शहर में खुशी और उत्साह का माहौल है।

सीमाओं में कोई बदलाव नहीं, जो नगर पंचायत था वही अब नगर पालिका

अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान में जो सीमाएं राजिम नगर पंचायत की थीं, वही सीमाएं अब नवगठित राजिम नगर पालिका की होंगी। सीमाओं में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासनिक दर्जा बढ़ने से अब विकास के कार्यों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई, गिनाए बड़े फायदे

इस ऐतिहासिक निर्णय पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राजिम की जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा:

“राज्य शासन के इस निर्णय से धर्मनगरी राजिम के सुनियोजित विकास को एक नई और सही दिशा मिलेगी। नगर पालिका बनने से अब शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक वित्तीय संसाधन और फंड उपलब्ध हो सकेंगे।”

इन बुनियादी सुविधाओं को मिलेगी रफ्तार:

  • बुनियादी ढांचा: शहर में ड्रेनेज सिस्टम (नाली), चमचमाती सड़कें और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था मजबूत होगी।
  • शहर का सौंदर्यीकरण: स्वच्छता व्यवस्था, आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स, सुंदर उद्यानों (पार्क) और सामुदायिक भवनों का निर्माण तेजी से होगा।
  • योजनाओं का सीधा लाभ: दर्जे में बढ़ोतरी के बाद अब केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी जन-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा और अधिक प्रभावी लाभ सीधे राजिम के नागरिकों तक पहुंचेगा।

शहर में जश्न का माहौल

लंबे समय से राजिम को नगर पालिका बनाने की मांग कर रहे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि राजिम एक ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र है, ऐसे में इसे नगर पालिका का दर्जा मिलना यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों दोनों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

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