CG
रायपुर। रायपुर की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन सीएमओ और उप-अभियंता को कारावास की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला 33 लाख रुपये के बकाया भुगतान के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगने से जुड़ा है।

दोषी अधिकारी: अनिल शर्मा (तत्कालीन सीएमओ) और सुरेश कुमार गुप्ता (उप-अभियंता)।
शिकायतकर्ता: जयप्रकाश गिलहरे, संचालक – जेपी कंस्ट्रक्शन।
सजा: दोनों को 3-3 साल का सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड।
घटनास्थल: नगर पंचायत अभनपुर (2018-19)।

पूरा घटनाक्रम: भ्रष्टाचार से गिरफ्तारी तक
बकाया भुगतान: जेपी कंस्ट्रक्शन ने अभनपुर में 55 लाख की लागत से ‘पुष्प वाटिका’ का निर्माण किया था। 20 लाख के भुगतान के बाद, शेष 33 लाख रुपये जारी करने के लिए अधिकारी कमीशन मांग रहे थे।
एसीबी का जाल: जब ठेकेदार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में शिकायत की, तो एसीबी ने साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपियों की आवाज रिकॉर्ड की।
रंगे हाथों गिरफ्तारी: जाल बिछाकर ठेकेदार को 2 लाख रुपये की पहली किस्त लेकर भेजा गया। सीएमओ अनिल शर्मा के कहने पर जैसे ही पैसे सब-इंजीनियर सुरेश गुप्ता को दिए गए, एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

न्यायालय का फैसला
विशेष न्यायाधीश रायपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोनों को दोषी पाया। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, दोनों आरोपियों को अब जेल की सजा काटनी होगी।

