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कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से जाली नोटों के काले कारोबार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कोतवाली थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 5-6 महीनों से अपने ही घर में धड़ल्ले से नकली नोट छाप रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 6.5 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी नोट 500-500 रुपये के हैं। पुलिस ने मौके से नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर, लैपटॉप और स्कैनर भी जब्त किया है।

मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड से दबोचा गया आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि नए बस स्टैंड इलाके में एक युवक बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर घूम रहा है और उसे मार्केट में खपाने (सर्कुलेट करने) की कोशिश में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लिया और इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को धर दबोचा। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए; उसके पास से 500 रुपये के कई जाली नोट बरामद हुए।
नशे की लत और कर्ज ने बनाया ‘जालसाज’
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह गंभीर रूप से नशे का आदी है और उस पर भारी कर्ज हो चुका था। कर्ज चुकाने और रातों-रात अमीर बनने की चाह में उसने घर पर ही नकली नोट छापने की साजिश रची। वह पिछले 5 से 6 महीने से अपने घर में ही प्रिंटर और स्कैनर की मदद से 500 के हूबहू दिखने वाले नोट तैयार कर रहा था।
घर से बरामद हुआ नोट छापने का सेटअप
आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की। वहाँ से नोट छापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला हाई-टेक सेटअप बरामद किया गया, जिसमें शामिल हैं:
- नकली नोट: लगभग 6.5 लाख रुपये मूल्य के (500-500 के नोट)
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 1 लैपटॉप, 1 कलर प्रिंटर और 1 स्कैनर
एक्सपर्ट्स जांचेंगे ‘सिक्योरिटी लेवल’, बड़े गिरोह की आशंका
पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से तफ्तीश कर रही है। कांकेर पुलिस के सामने अब ये मुख्य सवाल हैं, जिनकी जांच जारी है:
- मार्केट में कितने नोट खपाए?: आरोपी पिछले 5-6 महीने से यह काम कर रहा था, ऐसे में आशंका है कि उसने पहले भी लाखों रुपये के नकली नोट बाजार में चला दिए हैं।
- क्या कोई और शामिल है?: पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी इस गोरखधंधे को अकेले अंजाम दे रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा अंतर्राज्यीय गिरोह काम कर रहा है।
- कितने शातिर थे नोट?: पुलिस अब एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी असली नोटों के ‘सिक्योरिटी फीचर्स’ (जैसे वॉटरमार्क या थ्रेड) की कॉपी करने में कितना कामयाब रहा था।
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कांकेर पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि 500 रुपये के नोटों के लेन-देन में सावधानी बरतें।