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Shani Jayanti 2021: कब है शनि जयंती? जानिए दिन और शुभ मुहूर्त... जाने किस वजह से घर पर नहीं रखनी चाहिए शनिदेव की मूर्ति...

Shani Jayanti 2021:  कब है शनि जयंती? जानिए दिन और शुभ मुहूर्त... जाने किस वजह से घर पर नहीं रखनी चाहिए शनिदेव की मूर्ति...  

June 8, 2021

Shani Jayanti 2021: शनिदेव कर्म के देवता माने जाते हैं. जो इंसान को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. ऐसे में इंसान को अपनी जिंदगी में सदैव अच्छे कर्म ही करने चाहिए ताकि उसी के अनुरूप आपको फल भी मिल सके.

वहीं अगर हर शनिवार को शनिदेव की पूजा की जाए तो उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है लेकिन किसी भी कारण से अगर हर शनिवार पूजा संभव न हो तो शनि जयंती के दिन थोड़ा वक्त जरूर निकालें जिससे अत्यंत लाभ प्राप्त किया जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनिदेव का जन्म हुआ था. जो इस बार 10 जून को है.

शनि जयंती पर करें शनिदेव की विशेष पूजा
शनिदेव की और भी कृपा हासिल करनी हो तो उनकी विशेष पूजा शनि जयंती के दिन जरूर करनी चाहिए. ऐसा करने से और भी उत्तम फल प्राप्त किए जा सकते हैं. इस दिन शनि से जुड़ी चीज़ों के दान जरूर करें. 10 जून को आप भी काले कपड़े, काले तिल, सरसों के तेल का दान कर पुण्य कमा सकते हैं.

शनि जयन्ती पूजा का समय

  • शनि जयन्ती बृहस्पतिवार, जून 10, 2021 को
  • अमावस्या तिथि प्रारम्भ – जून 09, 2021 को 01:57 पी एम बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त – जून 10, 2021 को 04:22 पी एम बजे

घर में न रखें शनिदेव की मूर्ति
एक बात का सदैव ध्यान रखना चाहिए वो ये कि शनिदेव की पूजा कभी भी घर पर उनकी मूर्ति रखकर नहीं करनी चाहिए. हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि शनि की कोई मूर्ति या पूजा घर के मंदिर में या घर की दीवार पर नहीं लगानी चाहिए. ऐसा करना वर्जित माना गया है.

इसका कारण है शनि देव को मिला श्राप जिसके मुताबिक वो जिस किसी पर दृष्टि डालेंगे तो उसका जीवन नकारात्मक रूप से प्रभावित होगा. इसलिए घर में उनकी मूर्ति व पूजा नहीं रखी जाती. मंदिर में जाकर ही शनिदेव की पूजा की जाती है.

ऐसे करें पूजा

इस दिन प्रातः काल उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। शनिदेव की मूर्ति पर तेल, फूल माला और प्रसाद अर्पित करें. उनके चरणों में काले उड़द और तिल चढ़ाएं. इसके बाद तेल का दीपक जलाकर शनि चालीसा का पाठ करें. इस दिन व्रत रखने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन किसी जरूरतमंद को भोजन कराना बेहद शुभ फल देता है.

अगर आप मंदिर में शनिदेव की पूजा करने जा रहे हैं तो भूलकर भी शनिदेव के चेहरे(खासकर आंखों) में देखकर पूजा नहीं करनी चाहिए बल्कि चेहरे की बजाय शनिदेव के पैरों की तरफ देखना चाहिए.

शनि जंयती पर करें इन मंत्रों का जाप

  • शनि का वैदिक मंत्र
    ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः.

  • तांत्रिक शनि मंत्र:
    ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः.

  • शनि बीज मंत्र
    ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः.

  • सामान्य मंत्र
    ॐ शं शनैश्चराय नमः.

  • शनि गायत्री मंत्र
    ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्



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