रायपुर। पंडवानी की महान गायिका स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धांजलि देने के लिए रायपुर में आयोजित सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने स्व. तीजन बाई को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए भारतीय लोककला और पंडवानी परंपरा में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति मंत्री ने पंडवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए स्व. तीजन बाई के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार प्रदेश की लोककला और पंडवानी परंपरा को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मंत्री अग्रवाल ने स्व. तीजन बाई के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया। साथ ही उन्होंने तीजन बाई के पैतृक गांव गनियारी को ‘कला ग्राम’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा ले सकें।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि स्व. तीजन बाई द्वारा उपयोग किया गया ऐतिहासिक तंबूरा अब घासीदास संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। संस्कृति विभाग उनकी स्मृतियों, कला और योगदान को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल करेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पंडवानी सम्राज्ञी स्व. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को सदैव प्रेरणादायी बताया।
