कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में राजस्व विभाग के तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पिपरिया तहसील में पदस्थ तहसीलदार पर न्यायालयीन कार्यों में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और शिकायतों के निराकरण में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे। जांच में दोषी पाए जाने के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से 16 अक्टूबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार, तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के कार्यों की समीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई थी। मामले की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शासन ने निलंबन का निर्णय लिया।

सीएम हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा में सामने आया मामला
बताया गया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की समीक्षा की थी। इस दौरान राजस्व विभाग से संबंधित मामलों में लापरवाही का मुद्दा सामने आया। शिकायतों के निराकरण में उदासीनता और स्वेच्छाचारिता को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
शासन के आदेश में तहसीलदार का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में कबीरधाम रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक कामकाज में लापरवाही और आम लोगों की शिकायतों के निराकरण में देरी के खिलाफ शासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के बाद हुई इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हलचल है।