बरसते पानी में भी डटे रहे दुर्ग कलेक्टर: देर रात 2 बजे तक भिलाई और दुर्ग निगम क्षेत्र के अनेक स्थानों में पानी निकासी एवं जलभराव की स्थितियों का जायजा लिया कलेक्टर मीणा ने… आपदा से निपटने अधिकारी एवं कर्मचारियों को हमेशा अलर्ट रहने के दिए निर्देश

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई तथा दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने बरसते पानी में भी देर रात 11:00 बजे से 2:00 बजे तक शहर में पानी निकासी की व्यवस्था एवं जलभराव की स्थितियों का जायजा लेने पहुंचे। विगत दिनों से हो रही लगातार बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने भिलाई और दुर्ग निगम क्षेत्र के ऐसे स्थानों जहां पर बारिश के दिनों में जलभराव की शिकायतें होती है उन स्थानों पर पहुंचकर निकासी की व्यवस्थाओं का उन्होंने निरीक्षण किया।

कलेक्टर मीणा ने बड़े नालों का भी निरीक्षण कर पानी निकासी की व्यवस्था देखी। वहीं कई निचली बस्तियों में पहुंचकर उन्होंने वहां के रहवासियों से भी निकासी की उचित व्यवस्था को लेकर जानकारी ली। कलेक्टर ने दुर्ग निगम के वार्ड क्रमांक 34 और 35 भिलाई निगम के कोसानाला, तेल्हा नाला, इंदु आईटी स्कूल के समीप स्थित नाला, जवाहर नगर, करुणा अस्पताल के समीप स्थित नाला, गौतम नगर स्थित नाला, बालाजी नगर स्थित नाला, राधिका नगर, बाबू नगर स्थित नाला, छावनी चौक एवं खुर्सीपार की बस्तियों सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

इन सभी क्षेत्रों में अधिक वर्षा में नाला में ओवरफ्लो की शिकायतें प्राप्त होती है जिसके चलते आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। हालांकि निगम ने गर्मी के दिनों से ही नालों की सफाई का वृहद अभियान चलाकर कचरो को नालों से निकालने का काम किया था। जिसके चलते नाला में ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न नहीं हो रही है। निरीक्षण के दौरान भिलाई निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर, दुर्ग निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे एवं निगम के स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा मौके पर मौजूद रहे। दुर्ग में कलेक्टर ने महावीर कालोनी में एक और जेसीबी लगवाकर तेजी से जल निकासी की व्यवस्था बनाने निर्देश दिये। दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल और भिलाई महापौर नीरज पाल भी पूरे समय स्थितियों पर नजर रखने और आवश्यक निर्देश देने फील्ड पर रहे।

प्रत्येक पॉइंट पर पानी निकासी के लिए तैनात रहा अमला कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान भिलाई तथा दुर्ग निगम की टीम प्रत्येक पॉइंट पर पानी निकासी के लिए मौजूद मिली। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में ऐसे ही अलर्ट रहकर कार्य करने की आवश्यकता है, ऐसी विपरीत स्थितियों का सामना करने के लिए कर्मचारी व अधिकारी अपनी टीम के साथ हमेशा तैनात रहे। जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए पानी निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए। लगातार लोगों के संपर्क में रहे और किसी भी आपदा की स्थिति से उबरने व्यापक तैयारी रखें। किसी भी क्षेत्र में जलभराव की समस्या होने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए निकासी की व्यवस्था बनाएं।

जलभराव वाले क्षेत्रों में हमेशा टीम रहे अलर्ट कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि जिन जलभराव वाले क्षेत्रों को निगम ने चिन्हित किया है उन क्षेत्रों में विशेष रुप से टीम अलर्ट रहकर कार्य करें। नाला की समीपस्थ बस्तियों का इस दौरान आवश्यक रूप से निरीक्षण करें, जलभराव की संभावना वाले निचली बस्तियों में टीम नालियों की भी व्यापक रूप से सफाई रखें। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखें। नाला का पानी कम होते ही फंसे हुए कचरो को निकालने का काम भी व्यापक रूप से हो, ताकि पानी का फ्लो बना रहे और आसानी से निकासी हो सके।

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