सास को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, बहू समेत तीन गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में सास को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के मामले में पुलिस ने मृतका की बहू और उसके माता-पिता को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

फांसी लगाकर दी थी जान

मामला 27 अगस्त 2026 का है। लक्ष्मी बाई मानिकपुरी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान घर की दीवार पर लिखा सुसाइड नोट पुलिस के हाथ लगा। इसमें मृतका ने अपनी बहू पूर्णिमा और उसके मायके पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आत्महत्या से पहले मृतका ने अपनी बहनों को एक वीडियो भेजा था। परिजनों के मुताबिक, मृतका के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और बाद में उसने दूसरी शादी की थी। परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।

घर से निकालने का बनाया जा रहा था दबाव

परिजनों ने आरोप लगाया कि बहू और उसके मायके पक्ष की ओर से मृतका पर घर से बाहर निकलने का दबाव बनाया जा रहा था। लगातार विवाद और कथित प्रताड़ना से वह परेशान थी। बताया गया है कि इससे पहले भी मृतका ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।

सुसाइड नोट और वीडियो बने अहम साक्ष्य

पुलिस ने मृतका के सुसाइड नोट, वीडियो और परिजनों के बयानों को जांच में शामिल करते हुए मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने पूर्णिमा महंत (24), निवासी लक्ष्मण तालाब, सुमेरन बाई (45) और मिलन दास (55), दोनों निवासी सोहागपुर, उरगा को गिरफ्तार किया।

तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि दीवार पर मिले सुसाइड नोट, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।

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