दुर्ग। ग्राम बटरेल में आठे परिवार की ओर से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है। कथा के 6वें दिन सोमवार को रांका, डोंगरगढ़ वाले कथावाचक पंडित तिलेंद्र महाराज ने सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। पंडित तिलेंद्र ने कहा, संकट में साथ दे वहीं सच्चा मित्र है। क्रोध में कभी कोई काम नहीं करना चाहिए और जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए।
कथा में आगे महराज ने कहा, बच्चों को जन्म देने के बाद अच्छे संस्कार दोगे तभी अच्छे माता, पिता कहलाओगे। दूसरे की संपत्ति देखकर लालच नहीं करना चाहिए। किसी का दिल दुखाकर अपना घर नहीं बनाना चाहिए।

गरीब बेटियों की शादी कराते हैं तिलेंद्र महाराज
पंडित तिलेंद्र महाराज ने कहा, गलत काम नहीं किया है तो किसी से डरने की बात नहीं है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं। इस दौरान कृष्ण भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। बता दें कि पंडित तिलेंद्र महाराज सनातन धर्म की रक्षा के लिए लगातार भागवत कथा कर रहे हैं। साथ ही गरीब बेटियों की शादी भी करा रहे हैं।
जसगीत पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
कथावाचक तिलेंद्र महाराज ने छत्तीसगढ़ी गीत एवं जसगीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कथा में नकुल आठे, सहदेव आठे, महेंद्र आठे, रेवा आठे, बल्लू आठे, भेष आठे, ऐमन आठे, प्राण आठे, गिरीश साहू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।