रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग, युवाओं के रोजगार और फिल्म जगत को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक के बाद पत्रकारों को कैबिनेट में लिए गए प्रमुख निर्णयों की जानकारी दी।

कैबिनेट बैठक के 3 मुख्य फैसले:
1. अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को मिली मंजूरी
शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में संशोधन करते हुए नई नीति-2026 को मंजूरी दी गई है:
- मूल निवासियों को प्राथमिकता: मेरिट सूची में समान अंक होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थियों को वरीयता मिलेगी।
- विश्वविद्यालय अनुभव का लाभ: शासकीय कॉलेजों के साथ-साथ अब राजकीय विश्वविद्यालयों में 1 सत्र (कम से कम 5 माह) पढ़ाने पर 5 अंक मिलेंगे (अधिकतम 30 अंक)।
- विस्थापितों का पुनर्नियोजन: विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर फिर से मौका दिया जाएगा।
- मानदेय व्यवस्था में बदलाव: अब ‘कालखंड’ (पीरियड) के बजाय ‘कार्य-दिवस’ (Working Days) के आधार पर मानदेय तय होगा। साथ ही छुट्टियों और कार्य दायित्वों के नियम स्पष्ट किए गए हैं।
2. पूर्व अग्निवीरों के लिए ‘भर्ती नियम-2026’ स्वीकृत
राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी पदों (पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी) पर पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026’ को कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है। इसमें उनकी नियुक्ति, चयन प्रक्रिया और सेवा शर्तें तय कर दी गई हैं।
3. फिल्म ‘हनुमान अंश’ टैक्स फ्री (SGST की होगी प्रतिपूर्ति)
मुख्यमंत्री द्वारा 10 सितंबर 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने की घोषणा का अनुसमर्थन किया गया। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत सिनेमाघरों को SGST (राज्य माल एवं सेवा कर) के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।