मनेंद्रगढ़। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। हार्ट अटैक से पीड़ित एक महिला मरीज को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण उसकी मौत हो जाने का आरोप परिजनों ने लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और प्रदर्शन हुआ।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत लेदरी निवासी 60 वर्षीय श्यामा बाई यादव को गंभीर हालत में मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को रायपुर ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस की मांग की गई, लेकिन करीब छह घंटे तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।

परिजनों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम अस्पताल प्रबंधन, 108 एंबुलेंस सेवा और पूरी घटना की परिस्थितियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।इस घटना के बाद मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।