रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार: 10 महीने की राधिका को रेलवे में नौकरी का वादा, 18 साल के होते ही सीधे होगी ज्वाइनिंग… पहली बार इतनी छोटी बच्ची का अनुकंपा नियुक्ति के लिए पंजीयन

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के कार्मिक विभाग ने दस माह की बच्ची राधिका का अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पंजीयन किया है। इसके बाद से राधिका सबसे कम उम्र की रेलवे कर्मी बन गई हैं। 18 साल की होने पर उसकी नियुक्ति रेलवे में हो जाएगी। रेलवे के अफसरों की मानें तो भारतीय रेलवे के इतिहास मे संभवतः यह पहला मामला है। जब इतनी छोटी उम्र के बच्चे का अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पंजीयन किया गया है।

राजेंद्र के चाचा और छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव देव यादव ने बताया कि राजेंद्र कुमार यादव रेलवे में पीपी यार्ड भिलाई 3 चरोदा में सहायक के पद पर कार्यरत था। उसने बचपन से ही काफी गरीबी वाला जीवन जिया।

तीन साल पहले ही उसकी रेलवे में नौकरी लगी थी। इसके बाद वह मंदिर हसौद से अपनी पत्नी मंजू के साथ चरोदा आ गया और यहीं रेलवे क्वार्टर में रहने लगा। एक जून 2022 को मंदिर हसौद अपने घर से भिलाई आते समय सड़क दुर्घटना में राजेंद्र कुमार और उनकी पत्नी मंजू यादव की दर्दनाक मौत हो गई थी।

देव यादव का कहना है कि राधिका भगवान की बच्ची है। जिस दुर्घटना में उसके माता पिता की मौत हो गई उसमें उसे खंरोच तक नहीं आई। रेलवे ने भी उसे उस उम्र में नौकरी दे दी जिसमें वह बोलना तक नहीं जानती है। 18 साल की होने के बाद वह सीधे नौकरी में चली जाएगी। इसके लिए पूरा परिवार रेलवे प्रबंधन को धन्यवाद देता है। वर्तमान में राधिका अपने दादा-दादी के पास मंदिर हसौद में रह रही हैं।

राजेंद्र के चचेरे भाई सुनील ने बताया कि वह लोग भी राधिका के साथ रेलवे के रायपुर मंडल कार्यालय गए थे। रेलवे के अधिकारियों एवं कल्याण निरीक्षक ने उनके पास फोन कर मंदर हसौद आने के लिए कहा था। लेकिन उन्होंने खुद वहां आकर अधिकारियों से मिलने की बात कही। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों ने वहां बुलाया। वहां वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिले और वहीं पंजीयन की प्रक्रिया को पूरा किया गया।

एक साल से कम उम्र में पहला पंजीयन
रेल मंडल के अधिकारियों ने भी राधिका को पूरी मदद उपलब्ध कराई। इतना ही नहीं उन्होंने राधिका को रायपुर मंडल कार्यालय बुलाया और उसका अनुकंपा नियुक्ति के लिए पंजीयन भी किया।

सोमवार को राधिका अपने दादा-दादी, मौसी और चाचा के साथ रेल मंडल कार्यालय रायपुर पहुंची। वहां अधिकारियों ने 10 माह की बच्ची के अंगूठे का निशान लेकर उसका पंजीयन किया। अधिकारियों का कहना है कि जहां तक उन्हें जानकारी है यह पहला मामला है जब एक साल से छोटी बच्ची का पंजीयन अनुकंपा नियुक्ति के लिए रेलवे में किया गया है।

वयस्क होते ही सीधे होगी ज्वाइनिंग
रायपुर रेल मंडल के पीआरओ शिव प्रसाद का कहना है कि यह पहला ऐसा मामला है जब एक साल से कम उम्र के बच्चे का अनुकंपा नियुक्ति के लिए पंजीयन किया गया है। राधिका की अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई हैं। जैसी वह बालिग होगी उसकी पदस्थापना हो जाएगी।

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