छत्तीसगढ़ का ये जिला बना प्राकृतिक पेंट से कलेक्टोरेट का पोताई कराने वाला पहला जिला, खुद कलेक्टर ने पोताई कर कार्य का किया श्री गणेश

This district of Chhattisgarh became the one to get the collectorate painted with natural paint

बालोद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार सभी शासकीय कार्यालयों एवं भवनों की पोताई गोबर से बनी प्राकृतिक पेंट से कराने की अभिनव कार्य के अंतर्गत बालोद जिला प्राकृतिक पेंट से कलेक्टोरट का पोताई करने वाला राज्य का पहला जिला बन गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने आज कलेक्टोरेट पहुँचने के तुरंत बाद प्राकृतिक पेंट से कलेक्टोरेट भवन की पोताई कर इस महत्वपूर्ण कार्य का श्रीगणेश किया।

ज्ञातव्य हो कि 19 फरवरी को जिले के ग्राम परसतराई एवं सोरर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिले के प्राकृतिक पेंट इकाई तथा जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में बेहतरीन कार्यों की सराहना की थी। विदित हो कि इस दौरान गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम परसतराई में मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थल की पोताई जिले में निर्मित गोबर पेंट से की गई थी जिसका मुख्यमंत्री बघेल ने मुक्तकंठ से सराहना की थी।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, भवनों, स्कूलों, आँगनबाड़ी केंद्रों आदि की पोताई प्राकृतिक पेंट से किया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा अपने अधिनस्थ कार्यालयों एवं शासकीय भवनों के लिए लगातार बालोद विकासखण्ड के आदर्श गौठान बरही में स्थापित प्राकृतिक पेंट इकाई से गोबर से बनी प्राकृतिक पेंट एवं डिस्टेम्पर की खरीदी की जा रही है। इसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के द्वारा 225 रूपये प्रति लीटर की दर से 400 लीटर प्राकृतिक पेंट एवं 120 रूपये प्रति लीटर की दर से 400 लीटर प्राकृतिक डिस्टेम्पर कुल 01 लाख 62 हजार रूपये में 800 लीटर प्राकृतिक पेंट व डिस्टेम्पर की सर्वाधिक खरीदी की गई है।

नोडल अधिकारी एवं उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डाॅ. डी.के.शिवहरे ने बताया कि विकासखण्ड गुरूर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोरर में 180 लीटर प्राकृतिक पेंट की खरीदी की गई है एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत परसतराई में 28 लीटर प्राकृतिक पेंट की खरीदी की गई है। इसके अलावा अन्य विभागांे के द्वारा भी लगातार अपने विभागीय कार्यालयों एवं भवनों की पोताई हेतु प्राकृतिक पेंट एवं डिस्टेम्पर की खरीदी की जा रही है। पहले चरण में विभिन्न विभागों द्वारा 25 हजार लीटर पेंट की मांग की गई है। इस प्राकृतिक पेंट इकाई की प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता 200 लीटर है।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले के बालोद विकासखण्ड के आदर्श गौठान बरही में 28 जनवरी को प्राकृतिक पेंट इकाई का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात् माँ गौरी स्वसहायता समूह के महिलाओं द्वारा लगातार प्राकृतिक पेंट उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। माँ गौरी स्वसहायता समूह के अध्यक्ष शैल कुमारी सिन्हा ने बताया कि बरही स्थित प्राकृतिक पेंट इकाई में गोबर से इमल्सन पेंट व डिस्टेम्पर बनाया जा रहा है। इसके लिए महिला स्वसहायता समूह द्वारा पशुपालकों और चैराहों से गोबर की खरीदी की जा रही है। इसके पश्चात् इसका समूचित साफ-सफाई कर पेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक पेंट इकाई में वर्तमान में सफेद, पीला, हरा, गुलाबी रंग के पेंट का उत्पादन किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष आॅर्डर पर अन्य रंगों के पेंट का भी उत्पादन किया जा रहा है।

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