छत्तीसगढ़ में गेड़ी चढ़कर हजारों कर्मचारियों ने दी गिरफ़्तारी: अपनी मांगो को लेकर नवा रायपुर में संविदाकर्मियों का बवाल, मैदान में बनाना पड़ा अस्थाई जेल, 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी हुए गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में उस वक्त हंगामा मचा जब हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इन कर्मचारियों ने पूर्व घोषित ऐलान के मुताबिक हजारों की संख्या में ​नियमितीकरण की मांग को लेकर गेड़ी चढ़कर जेल भरने निकले। जिन्हें रोकने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। आपको बता दे की कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन पिछले 15 दिनों से जारी है। सभी कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन के लिए रैली निकाली। बड़ी तादाद में कर्मचारी रायपुर शहर की ओर बढ़ने लगे।

नवा रायपुर में ही पुलिस ने बीच रास्ते इन प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बड़े मैदान को ही अस्थाई जेल बनाया गया था और यहीं कर्मचारियों को रखा गया। कर्मचारी संगठन का दावा है कि 20 हजार की संख्या में संविदा कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारी दी है।

संविदा कर्मचारियों के इस आंदोलन को समर्थन देने प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी पहुंचे। चंदेल जब कर्मचारियों को संबोधित करने मंच पर पहुंचे तो भाषण के बीच बिजली कट गई। इसे कर्मचारियों और भाजपा नेताओं ने साजिश बताया। यहां सभी हंगामा करने लगे कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हुई तो नारायण चंदेल ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कर्मचारियों की मांग सदन में रखी जाएगी और कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा विधानसभा में उठाया जाएगा।

प्रदर्शन में मौजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि जो हथकंडे कर्मचारियों को डराने के लिए अपनाए जा रहे हैं, वह काम नहीं आएंगे। भारतीय जनता पार्टी हर परिस्थिति में कर्मचारियों के साथ खड़ी है। चंदेल ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर निश्चित रूप से उनकी मांग पूरी की जाएगी।

चंदेल ने कहा- हमारे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव आपके बीच आकर आप की मांग का समर्थन कर चुके हैं। मैंने सारे नेताओं से चर्चा की है कि मैं आपके बीच समर्थन देने जा रहा हूं। सभी ने कहा कि हमारी ओर से आश्वस्त कर दें कि तीन महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कमल छाप भारतीय जनता पार्टी का जो घोषणा पत्र बनेगा उसमें कर आपके नियमितीकरण की घोषणा होगी।

प्रदर्शनकारी कर्मचारी संगठन के नेताओं ने पूछा कि यह कैसी विडम्बना है कि छत्तीसगढ़ के 45000 छतीसगढ़िया संविदा कर्मचारी नियमितिकरण को पूरा करने पौने पांच साल से संघर्ष कर रहे हैं। हरेली तिहार घर में मनाने को छोड़कर ये संविदा कर्मचारी रायपुर तूता मैदान में छोटे छोटे बच्चो और अपने परिवार के साथ जेल भरो आंदोलन में शामिल होने को मजबूर है।

छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने कहा कि सरकार को अपने वादों को याद दिलाने तुता धरनास्थल पर प्रदेश भर से संविदा कर्मचारी एकत्रित हुए हैं। यह जनसैलाब देख शासन जल्द हमें नियमितिकरण का अपना वादा पूरा करे। कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सिन्हा और अशोक कुर्रे ने कहा है कि सरकार संवादहीनता की स्थिति में है।

मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर ने कहा कि एक तरफ सरकार प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना के साथ हरेली तिहार मना रही है इसके विपरित छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मचारी सरकार के वादा खिलाफी के कारण अपने परिवार सहित आकर जेल भरो आंदोलन करने को मजबूर हैं। जल्द से जल्द हमारी मांग पूरी होनी चाहिए।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

युवाओं के रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देनाः घड़ी की...

नई दिल्ली। युवा समाज के सबसे ऊर्जावान, कल्पनाशील और परिवर्तन-प्रतिबद्ध वर्गों में से एक हैं। जब इनकी ऊर्जा को एक सार्थक, सकारात्मक और निर्माणकारी...

सीएम का सिंगापुर यात्रा : छत्तीसगढ़ को मिले ₹43,600...

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की।...

वीबी-जी राम जी में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, तीन...

बलौदाबाजार। विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) के प्रभावी क्रियान्वयन में लापरवाही बरतना तीन ग्राम रोजगार सहायकों को भारी पड़...

CG Crime : शादी का झांसा देकर युवती से...

सूरजपुर। जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर 24 वर्षीय युवती से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। युवती की...