भिलाई में शिव शक्ति सेवा समिति द्वारा शिवमहापुराण का तीसरा दिन: कथावाचिका आराध्या शर्मा ने संगीतमई कथा में भगवान भैरव की कथा सुनाई… सती माता का भी वर्णन, वरिष्ठ महिला सदस्यगणों का सम्मान

भिलाई। भिलाई के कैम्प-1 शिव संतोषी मंदिर, तीन दर्शन मंदिर में शिव शक्ति सेवा समिति द्वारा शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन 3 मार्च 2024 रविवार को कथा स्थल में भक्तों का जनसैलाभ देखने को मिला। राष्ट्रिय कथावाचिका किशोरी आराध्या शर्मा ने कथा की तृतीय दिवस भव्य दिव्य संगीतमई, श्री शिवमहापुराण की कथा में भगवान भैरव की कथा सुनाई गई। काशी की महिमा बताई गई। इसके पश्चात भगवान ब्रह्मा के द्वारा मैथुन क्रिया से सृष्टि की रचना की कथा जिनमे मनु एवम सतरूपा का प्राकट्य हुआ। आकृति, प्रकृति और प्रसूति की कथा सुनाई गई। प्रसूति की 16 कन्याओं की चर्चा एवं 13 कन्या का विवाह यज्ञ नारायण के साथ बाकी 3 कन्या का विवाह सती, स्वाहा, सधा की विस्तार कथा बताई गई।

कथा में बताया गया कि, दक्ष की कन्या मां भवानी की कथा बड़े ही मार्मिक ढंग से कथावाचिना ने सुनाई। भगवान शंकर के साथ विवाह उपरांत कुंभज ऋषि के आश्रम में कथा सुनने गए मां सती एवम शंकर की कथा बड़े ही संगीतमई दोहे, चौपाई के माध्यम से गान किया गया। सती के कथा ना सुनने का परिणाम बड़ा भयंकर हुआ। भगवान सबका अपराध सहन कर सकते है लेकिन अपने प्रभु राम का अपराध सहन नही कर सकते। मां सती ने पहले तो कुम्भज ऋषि का तिरस्कार कथा नही सुनकर की इसके पश्चात भगवान की परीक्षा लेना चाही और मां सीता का बनावटी रूप बना लिया और परीक्षा लेने चली गई। लेकिन भगवान तो अंतर्यामी है सबकुछ जानने वाले है। भगवान जान गए यह तो मां भवानी सती है। भगवान ने पूछा मां आप अकेली भगवान शंकर कहां है? इतना सुनते ही मां लज्जित हुई। भगवान से जाकर दो झूठ बोल दी, मैने परीक्षा नही ली एवम सीता का रूप धारण करने वाली बात छुपाई।

इसलिए भगवान ने मन ही मन मां सती का परित्याग कर दिया। 87 वर्ष तक पश्चताप की आग में जलते रही। भगवान जब जागे देवता आकाश मार्ग से जा रहे थे देखकर सती पूछी सब कहां जा रहे है। भगवान ने कहा तुम्हारे पिता के घर, फिर होना क्या था कर्म का लिखा कोई टाल नही सकता, दक्ष के यज्ञ शाला में मां सती को अपना देह त्यागना पड़ा। किशोरी आराध्या शर्मा ने कहा कि, शिव महापुराण की कथा यह सिख देती है की कभी भी हमे भगवान की कथा में शंका नहीं करनी चाहिए। भगवान परीक्षा के विषय नही अपितु भगवान तो श्रद्धा विश्वास प्रेम के विषय है। जन्म-जन्म शिव के चरणों में मां सती ने अनुराग मांगकर पुनः राजा हिमवान के घर पारवती के रूप में जन्म लेती है। कथावाचिका किशोरी आराध्या शर्मा ने शिव शक्ति सेवा समिति के वरिष्ठ महिला सदस्यगणों का सम्मान किया। आज कथा में मुख्य अतिथि के रूप में बंटी जलाराम राजा गुप्ता मौजूद हुए।

ये होगा शेड्यूल
आयोजक शिव शक्ति सेवा समिति ने बताया कि, जिले के सभी नागरिक ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस कथा में अपनी भागीदारी दें और कार्यक्रम को सफल और भव्य बनाने में मदद करें। समिति द्वारा 29 फरवरी को डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी विशाल कलश यात्रा निकाली गई। जिसके पश्चात 1 मार्च से 7 मार्च तक राष्ट्रिय कथा वाचिका किशोरी आराध्या शर्मा के द्वारा शिव महापुराण की शुरुआत हुई। 7 मार्च को ही हवन एवं महाआरती का आयोजन रखा गया है। 8 मार्च को सुबह 8 बजे शिवा जी का रुद्राभिषेक और शाम 3 बजे से बाबा महाकाल जी की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। जो पिछले साल से भी अधिक भव्य होगा। इसके पश्चात 10 मार्च रविवार को महाभंडारा के साथ आयोजन समाप्त होगा।

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