छत्तीसगढ़ में अब साल में दो बार होगा 10वीं और 12वीं का बोर्ड एग्जाम: स्टूडेंट्स को पास होने के लिए मिलेगा सेकेंड चांस… सरकार ने जारी की अधिसूचना

रायपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा दो बार कराने का निर्णय लिया है। इस संंबंध सरकार की ओर से आधिकारिक रूप अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सत्र 2024-2025 के 10वीं और 12वीं के छात्र इस सुविधा का लाभ मिलेगा, जो पहली परीक्षा में किसी विषय में फेल होने पर दूसरी परीक्षा में बैठकर पास होने की सुविधा ले सकेंगे। छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के स्टूडेंट्स को एग्जाम में पास होने के लिए अब सेकेंड चांस भी मिलेगा। पहले इसे पूरक परीक्षा या सप्लीमेंट्री एग्जाम भी कहा जाता था। इस सत्र में इसे दो परीक्षा नाम दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ बोर्ड की ओर से छात्रों और पेरेंट्स से 9 जून तक इस परीक्षा के लिए सुझाव भी मंगाए गए हैं। ताकि उनके आधार पर इसे लागू किया जा सके।

एक ही सत्र में दो बार बोर्ड परीक्षा के फैसले के बाद से ही चर्चा थी कि विभाग इसे सत्र 25-26 से लागू कर सकता है। लेकिन विभाग ने इसी सत्र यानी 2024-25 से इस नियम को लागू करने की तैयारी की है। पेरेंट्स और स्टूडेंट्स के सुझाव के आधार पर जल्द ही पूरे दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ शिक्षा बोर्ड में साल में दो बार बोर्ड परीक्षा को लेकर जारी अधिसूचना के मुताबिक 10वीं और 12वीं की पहली मुख्य बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च में करवाई जाएगी, जबकि दूसरी मुख्य बोर्ड परीक्षा जून के तीसरे सप्ताह में संपन्न कराई जाएगी.इसमें ऐसे स्टूडेंट्स को मौका मिलेगा जो पहली परीक्षा में फेल, सप्लीमेंट्री या फिर किसी वजह से गैरहाजिर रहे। फायदा ये है कि सेकेंड चांस मिलने से कई स्टूडेंट्स का साल खराब नहीं होगा।

दो बार बोर्ड परीक्षा के तहत पहली परीक्षा में अगर किसी छात्र का रिजल्ट पूरक आता है या फिर वह दो सब्जेक्ट्स में फेल हो जाता है, तो दूसरी परीक्षा वह उसी विषय की देगा। अगर वह चाहे तो कैटेगरी इम्प्रूवमेंट और ज्यादा नंबर के लिए सभी विषयों के एग्जाम्स में भी बैठे सकता है।

पहली परीक्षा में पास हुए विषय की दोबारा परीक्षा देने पर भी अगर छात्र फेल हो जाता है, तब भी पहले रिजल्ट के आधार पर उसे पास माना जाएगा। जानकारों का कहना है कि दो बार बोर्ड एग्जाम का फॉर्मूला लागू होने के बाद अलग से पूरक परीक्षा नहीं होगी। यह दूसरी परीक्षा में तब्दील हो जाएगी।

साल में दो बार परीक्षा के लिए कुछ नियम भी तय किए गए हैं। पहली परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड छात्र ही दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहली परीक्षा में जो विषय लेंगे, वही दूसरी परीक्षा में भी रखने होंगे। यानी विषय में बदलाव नहीं होगा। पहली परीक्षा के बाद दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन भरे जाएंगे।

जिन छात्रों का रिजल्ट पूरक आया या फेल हैं, वे दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। श्रेणी सुधार के लिए भी दूसरी परीक्षा के फॉर्म भरे जा सकते हैं। वे छात्र जो आवेदन के बाद पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए, वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। दूसरी परीक्षा का रिजल्ट दोनों परीक्षाओं में विषयवार ज्यादा मिले मार्क्स के आधार पर तैयार किया जाएगा।

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